उत्तराखंड

पूर्व पार्षद इसरार सलमानी ने की अपील कि शब-ए-बारात पर आतिशबाजी से बचें, इबादत में गुजारें वक्त

कलयुग दर्शन (24×7)

मो नदीम (संपादक)

हरिद्वार। पूर्व पार्षद इसरार सलमानी ने कहा कि आज शब-ए-बरात के इस पवित्र रात को इबादत, तौबा और दुआ में गुजारें। उन्होंने आतिशबाजी, बाइक से स्टंट और हुड़दंग जैसी गतिविधियों से बचने की सलाह दी है। उलेमाओं के अनुसार, शब-ए-बरात रहमत, मगफिरत और निजात की रात है, जिसे व्यर्थ के कामों में गंवाना उचित नहीं है। पूर्व पार्षद इसरार सलमानी ने कहा कि शब-ए-बारात की मुकद्दस रात की गरिमा बनाए रखने के लिए पटाखे न फोड़ें। पटाखों से न केवल प्रदूषण फैलता है, बल्कि इससे किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना का डर बना रहता है। श्री सलमानी ने प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि न तो पटाखे खरीदें और न ही बेचें।

मुफ्ती आलम रजा नूरी ने शब-ए-बरात के लिए कुछ खास तैयारियां भी बताईं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अच्छे से गुस्ल करना चाहिए, साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिए और खुशबू का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने असर और मगरिब के बीच सात या ग्यारह बेरी के पत्तों से नहाने को भी लाभकारी बताया, जिससे साल भर बीमारियों से बचाव होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस रात अपने दिवंगत परिजनों की कब्रों पर जाकर उनके लिए दुआ-ए-मगफिरत करनी चाहिए। इसके अलावा, कुरआन की तिलावत, नवाफिल अदा करना और सदका-ओ-खैरात करना भी इस रात के महत्वपूर्ण कार्य हैं। गरीबों, पड़ोसियों और जरूरतमंदों का विशेष ध्यान रखने की भी ताकीद की गई। श्री सलमानी ने बताया कि शब-ए-बरात की पूरी रात अल्लाह तआला की रहमत का ऐलान होता रहता है। इस दौरान बंदों को अपने रब से रोजी, औलाद, सेहत और मगफिरत की दुआ मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी सलाह दी कि अगले दिन रोजा रखना सवाब का काम है।

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