उत्तराखंड

बिहार की बेटियों पर अमर्यादित बयान के खिलाफ सड़कों पर उतरी मातृशक्ति

बिहार-झारखंड सांस्कृतिक परिषद ने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ किया तीखा विरोध

कलयुग दर्शन (24×7)

हिमांशु (संवाददाता)

हरिद्वार। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की ओर से बिहार की बेटियों के प्रति दिए गए अत्यंत अशोभनीय, स्त्री-विरोधी और अपमानजनक बयान के खिलाफ बिहार-झारखंड सांस्कृतिक परिषद के बैनर तले शनिवार को शहीद स्मारक चौराहा, शिवालिक नगर में जोरदार एवं आक्रोशपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ समाजसेवी रंजीता झा ने कहा कि यह बयान केवल बिहार की महिलाओं का नहीं बल्कि पूरे देश की मातृशक्ति का घोर अपमान है। किसी भी सभ्य समाज में महिलाओं को वस्तु समझने और उन्हें खरीद-फरोख्त की भाषा में देखने वाली मानसिकता घृणित, निंदनीय और आपराधिक प्रवृत्ति को दर्शाती है। सचिव अमृत रंजन ने कहा कि इस तरह की सोच रखने वाले व्यक्ति को किसी भी राजनीतिक दल या सार्वजनिक जीवन में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।

माया देवी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गिरधारी लाल साहू को तत्काल पार्टी से निष्कासित कर सार्वजनिक रूप से देश की समस्त मातृशक्ति से माफी नहीं मंगवाई गई, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेगा। महिला सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी राज्य या समाज की बेटियों को अपमानित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शशि भूषण पांडेय ने कहा कि बिहार-झारखंड की महिलाएं कमजोर नहीं हैं और अपने स्वाभिमान पर किसी भी प्रकार का प्रहार सहन नहीं करेंगी। यह संघर्ष केवल एक बयान के खिलाफ नहीं, बल्कि उस गंदी सोच के खिलाफ है जो आज भी महिलाओं को सम्मान नहीं देती। इस तीव्र विरोध प्रदर्शन में परिषद के सचिव अमृत रंजन, रंजीता झा, ज्ञानप्रकाश सिंह, शशिभूषण पाण्डे, अर्चना झा, माया, आशा, सचिन, सीता सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और परिषद के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन प्रदेशव्यापी किया जाएगा।

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