उत्तराखंड

पूर्व विधायक सुरेश राठौर को अपना पति बताने वाली उर्मिला सनावर के खिलाफ न्यायालय में एक और मुकदमा दर्ज

कलयुग दर्शन (24×7)

विजय कुमार (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। पूर्व विधायक सुरेश राठौर को अपना पति बताने वाली उर्मिला सनावर द्वारा नई-नई वीडियो बनाकर फेसबुक इंस्टाग्राम पर वंतरा रिजॉर्ट चिल्ला के संबंध में वीआईपी के लिए उर्मिला सनावर ने दुष्यंत गौतम और अजय कुमार भाजपा नेता के बारे में भी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से देखकर आम लोगों को सुनी सुनाई अफवाहों के तहत वायरल की। इस संबंध में कमल भदोरिया एडवोकेट निवासी जगजीतपुर जिला हरिद्वार में अपने अधिवक्ता अरुण भदोरिया एडवोकेट के माध्यम से शैलेंद्र कुमार यादव जुडिशल मजिस्ट्रेट सेकंड हरिद्वार के न्यायालय में धारा 197, 356, 351, 353 एक बीनएस व 66 दी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे में कमल भदोरिया एडवोकेट ने न्यायालय के समक्ष बताया कि उर्मिला सनावर को यदि कोई अफवाह वीआईपी के संबंध में मिली थी तो उसी दिन उसी समय उर्मिला सनावर ने अधिकारियों को सूचना क्यों नहीं दी और किस कारण से जानबूझकर देरी की गई, क्योंकि उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ उक्त अंकित भंडारी के मुकदमे में ना तो अभियुक्त है ना गवाह है और ना ही उर्मिला संवर के द्वारा विवेचक के समक्ष उपस्थित होकर किसी प्रकार की कोई जानकारी दी है, जबकि इस मुकदमे का ट्रायल भी समाप्त हो गया है और कानूनी दृष्टि से इस मुकदमे में कोई भी तथ्य अतिरिक्त सुनी सुनाई बातों का जिसका कोई तथ्य या सबूत नहीं है कानूनी दृष्टि में भी अब शून्य है, लेकिन उर्मिला सनावर के द्वारा कोई तथ्य व सबूत न होने के बावजूद वीडियो वायरल करके भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और भाजपा के संगठन मंत्री का झूठा नाम लेकर भाजपा को जानबूझकर बदनाम करने के संबंध में जानकारी न्यायालय को दी गई। बताया कि भ्रष्टाचार का आरोप व चरित्रहीनता का आरोप कभी नहीं लगा जबकि दुष्यंत गौतम राज्यसभा में सांसद रह चुके हैं और पार्टी के विभिन्न चुनावी व संगठनआत्मक दायित्वों को संभाल रहे हैं।

उर्मिला सनावर के द्वारा जानबूझकर दिया गया बयान छवि को धूमिल करने वाला होने के कारण कमल भदौरिया ने अपने सहित उत्तराखंड वासियों की भावनाएं आहत हुई है। उनके वीडियो वायरल करने के कारण राज्य के राजनीतिक दल इन दोनों नेताओं की हत्या तक करने का प्रयास कर रहे हैं। मारपीट व जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, क्योंकि उर्मिला सनावर के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जानबूझकर झूठ वह भड़काऊ बयान प्रसारित करके जन भावनाओं को उकसाया गया, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने व कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की पूर्ण संभावना बनी, जो कि उर्मिला सनावर के द्वारा जानबूझकर दुर्भावना पूर्ण एवं राजनीतिक उद्देश्य बिना किसी न्यायिक या जांच एजेंसी के निष्कर्ष के झूठे एवं आप्रमाणित आरोप जिसमें कमल भदौरिया ने नैतिक प्रतिष्ठा दुष्यंत गौतम और अजय कुमार के लिए उर्मिला के द्वारा लगाने के कारण अपूर्णिया स्थिति पहुंचना बताया है। न्यायालय द्वारा इस आधार पर उर्मिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसमें कमल भदोरिया एडवोकेट के बयान 15 जनवरी 2026 में दर्ज किए जाएंगे।

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