उत्तराखंड

नसों और जोड़ों के इलाज में नई दिशा, डॉ. हेमंत जयसिंह ने खोजे नर्व थेरेपी के नए प्वाइंट्स

कलयुग दर्शन (24×7)

नरेश मित्तल (संवाददाता)

हरिद्वार। स्थित विनायक क्लीनिक के लोकप्रिय चिकित्सक डॉ. हेमंत जयसिंह ने नसों और जोड़ों से जुड़ी जटिल बीमारियों के उपचार में नई पहल करते हुए मैनुअल नर्व थेरेपी विकसित की है। रूमेटोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिक न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. जयसिंह नर्व थेरेपी के संस्थापक हैं और वे पारंपरिक उपचार पद्धतियों से हटकर अलग तरीके से मरीजों का इलाज करते हैं। यह थेरेपी फिट्स (मिर्गी), स्लिप डिस्क, सर्वाइकल, घुटनों में गैप, सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिज़्म, ए.वी.एन., बोन टीबी, पैरालिसिस, ऑटो इम्यून व जेनेटिक डिसऑर्डर जैसी बीमारियों में कारगर बताई जा रही है। डॉ. जयसिंह द्वारा किए गए उपचार से कई जटिल मामलों में उल्लेखनीय सुधार सामने आया है। कई मरीज व्हीलचेयर से मुक्त हुए हैं, वहीं अनेक रोगियों के मिर्गी के दौरे बंद हुए हैं। उपचार के लिए हरिद्वार, ज्वालापुर, कलखल के साथ-साथ धामपुर, नजीबाबाद, दिल्ली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चंडीगढ़, नेपाल और अमेरिका से भी मरीज आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया से भी उपचार संबंधी क्वेरियां प्राप्त हो रही हैं।

वर्ष 2022 में उन्हें भारत चिकित्सा पुरस्कार और राष्ट्रीय गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्रारंभिक वर्षों में मर्म थेरेपी का अभ्यास करने के बाद डॉ. जयसिंह ने नर्व थेरेपी विकसित की, जिसमें मर्म बिंदुओं के साथ-साथ नसों और जोड़ों के विशेष प्वाइंट्स पर उपचार किया जाता है। शैक्षणिक रूप से वे गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से फार्मेसी स्नातक हैं और 2009 से 2011 तक लगातार तीन बार विश्वविद्यालय टॉपर रहे। उन्होंने रूमेटोलॉजी व बाल रोग में विशेषज्ञता, बाल चिकित्सा पोषण में स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र और क्लिनिकल रिसर्च में डिप्लोमा प्राप्त किया है। साथ ही वे यूपीएससी ऑनलाइन एकेडमी से जुड़े लेखक व निदेशक हैं और 27 से अधिक प्रतियोगी पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। क्लीनिक के दूसरे सेक्शन में डॉ. वीनू जयसिंह (बी.ए.एम.एस., सी.जी.ओ.) द्वारा रसौली व गांठ का सफल उपचार किया जा रहा है।

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