शंकराचार्य जी के अपमान के विरोध में कांग्रेस नेताओं का आक्रोश, योगी-मोदी सरकार पर साधा निशाना

कलयुग दर्शन (24×7)
नरेश मित्तल (संवाददाता)
हरिद्वार। प्रयागराज में हिंदुओं के राजा ज्योतिष पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ कथित अभद्रता को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कनखल स्थित शंकराचार्य जी के आश्रम पहुंचकर उनके शिष्य कमलेश पांडेय जी से भेंट कर विरोध प्रकट किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विकास चंद्रा ने कहा कि माघ मेले के दौरान शंकराचार्य जी और उनके शिष्यों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस व प्रशासन द्वारा किया गया व्यवहार हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि यह केवल शंकराचार्य जी का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों हिंदुओं का अपमान है, जिसे हिंदू समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।

युवा नेता अखिल शर्मा त्यागी और मनोज जाटव ने कहा कि मुगल शासकों के समय ब्राह्मणों को अपने जनेऊ की रक्षा करनी पड़ती थी और आज खुद को सनातनी बताने वाली सरकार में ब्राह्मणों को अपनी शिखा की रक्षा करनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं और भगवान राम के नाम पर सत्ता में आई सरकार अब सत्ता के मद में चूर होकर हिंदुओं के धर्मगुरुओं के अपमान से भी नहीं हिचक रही है। शंकराचार्य जी के शिष्य कमलेश पांडेय जी ने कहा कि योगी सरकार को इस अपमान की कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि पूरा हिंदू समाज शंकराचार्य जी के समर्थन में खड़ा हो गया है और योगी सरकार के खिलाफ बिगुल बज चुका है। लगातार मिल रहे नोटिस यह साबित करते हैं कि भाजपा सरकार न केवल हिंदू विरोधी है, बल्कि हिंदू धर्मगुरुओं के अपमान से भी बाज नहीं आ रही है।
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