ज्वालापुर स्थित ग्राम सराय के मदरसा तनवीरूल कुरआन का 44वा सालाना जलसा दुआ के साथ सम्पन्न हुआ

कलयुग दर्शन (24×7)
मो नदीम (संपादक)
हरिद्वार। ज्वालापुर स्थित ग्राम सराय के मदरसा तनवीरूल कुरआन में सालाना 44वें जलसे का आयोजन अकीदत और शानो-शौकत के साथ किया गया। जलसे के मौके पर दुआ में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस अवसर पर हिंदुस्तान के मशहूर उलमा-ए-किराम ने शिरकत कर अपने खिताबात से लोगों को नवाज़ा। दारुल उलूम देवबंद से मुफ़्ती सलमान, मौलाना मुनीर, मुफ़्ती रियासत और मौलाना इरफ़ान उपस्थित रहे।

वहीं मौलाना मोहम्मद हसन (मुज़फ्फरनगर) और कारी मोहम्मद इक़राम ने भी जलसे को संबोधित किया। जलसे का एक अहम आकर्षण 7 हाफिज़-ए-कुरआन की दस्तारबंदी रहा, जिसे देखकर माहौल रूहानी हो गया। मदरसे के नाज़िम मौलाना मोहम्मद इल्यास ने सभी मेहमान उलमा और आए हुए लोगों का इस्तकबाल किया। अंत में देश व समाज की तरक्की, अमन-चैन और भाईचारे के लिए दुआ की गई।

कार्यक्रम में मुकर्रम हाशिम (सदर), हाजी मोहम्मद क़ासिम (नायब सदर), मोहतमीम मदरसा, ठेकेदार मोहम्मद इरशाद, अकरम अंसारी (सभासद), हाजी मंसूर, इरशाद पत्ती वाले, सगीर अहमद, कलीम ठेकेदार, नूरहसन, मक़सूद, ग्राम प्रधान मनीष कुमार, राजकुमार यादव बिरम सिंह यादव विनोद कुमार खाद वाले मास्टर वीर वतन यादव अवनीश कुमार, इसरार अंसारी, फुरकान अंसारी, हाजी शफात, नूर खान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

इस जलसे में हिंदुस्तान के मशहूर उलेमा दारुल उलूम देवबंद से मुफ्ती सलमान साहब, मौलाना मुनीर साहब, मुफ्ती रियासत साहब, मौलाना इरफान साहब, मौलाना मोहम्मद हसन मुजफ्फरनगर तशरीफ़ लाए। 7 तारीख की रात को में दुआ का आयोजन किया गया। सात हाफिजे कुरआन की दस्तारबंदी हुई। 8 तारीख को कारी मोहम्मद इकराम साहब ने कराई। कार्यक्रम में जिम्मेदारान सदस्यों में मौलाना मोहम्मद इलियास साहब (नाजिम मदरसा), मुकर्रम हाशिम (सदर), हाजी मोहम्मद कासिम (नायब सदर), मोहतमीम मदरसा, ठेकेदार मोहम्मद इरशाद अकरम अंसारी (सभासद), हाजी मंसूर इरशाद पत्ती वाले, सगीर अहमद कलीम, ठेकेदार नूरहसन मकसूद, ग्राम प्रधान मनीष कुमार, इसरार अंसारी, हाजी शफात आदि शामिल रहे।

कार्यक्रम में राजकुमार यादव बिरम सिंह यादव विनोद कुमार खाद वाले मास्टर वीर वतन यादव अवनीश कुमार आदि मौजूद रहे। जलसे के दौरान मोबाइल के बढ़ते चलन पर रोक लगाने और बच्चों को बेहतर तालीम दिलाने पर खास फोकस किया गया। मौलाना साहब ने अपने बयानों में साफ तौर पर कहा कि “बुराइयों को पूरी तरह से त्याग कर अच्छाई के रास्ते पर चलना है। तबलीगी जमातों पर फोकस करना है ताकि इस्लाम धर्म का प्रचार तेजी से हो सके। लोगों को नमाज और जमात पर ध्यान देना चाहिए”।

तब्लीगी जमात प्रमुख मौलाना ने कहा कि “तेजी से बुराइयां बढ़ रही हैं। लोगों को नमाज पढ़ने की दावत देनी चाहिए ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा तबलीगी जमात से जुड़ सकें।” मदरसा तनवीरूल क़ुरआन सराय के सभी जिम्मेदार सदस्यों ने सभी शिरकत करने वाले उलमा, अतिथियों और स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया है।
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