उत्तराखंड

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बनाई राजभवन कूच को सफल बनाने की रणनीति

कलयुग दर्शन (24×7)

विजय कुमार (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। 16 फरवरी को होने वाले राज भवन कूच को सफल बनाने के लिए कनखल ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जतिन हांडा के नेतृत्व में निर्मल संतपुरा आश्रम में कार्यकर्ताओं से संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संत जगजीत सिंह शास्त्री की अध्यक्षता व शुभम अग्रवाल के संचालन में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कूच को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गयी। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यमंत्री संजय पालीवाल एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने कहा कि प्रदेश की राजधानी देहरादून अपराध की राजधानी के नाम से जाने जानी लगी है। पिछले 16 दिनों में पांच हत्याएं इस बात का जीता जागता उदाहरण है कि सरकार कानून व्यवस्था के नाम पर शून्य हो गई है। सोई हुई गूंगी बहरी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए सबको एकजुटता के साथ राजभवन कूच में हिस्सा लेना है। पूर्व राज्य मंत्री रकित वालिया और यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रवीश भटीजा ने कहा कि डा.अनिल जोशी की तहरीर पर अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति कर सरकार ने अंकिता के माता पिता के साथ धोखा करने के साथ भाजपा नेताओं को बचाने का प्रयास कर रही है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोम त्यागी और अशोक शर्मा ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में जनता को राजभवन घेराव के लिए देहरादून चलने के लिए जागरूक और प्रेरित करें। कनखल ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जतिन हांडा व शुभम अग्रवाल ने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार सड़क से लेकर सदन तक लड़ रही है। प्रदेश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अवैध खनन, शराब माफिया का बोलबाला है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी निडरता से देश की जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं। उसी तरह हम सबको भी जनता की लड़ाई लड़नी होगी। हिमांशु बहुगुणा और संजय आनंद ने कहा कि सरकार के संरक्षण में सरकारी विभागों में दिन प्रतिदिन भ्रष्टाचार फल फूल रहा है। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति खोखली बातें बनकर रह गई है। रोहित चौधरी और मनोज सैनी ने कहा कि राज्य की जनता बीजेपी सरकार से त्रस्त है और अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए सांप्रदायिकता का सहारा लेकर देवभूमि को कलंकित कर रही है। इस दौरान सतीश दुबे, अनिल ठाकुर, कामेश्वर यादव, डा.दिनेश पुंडीर, सत्येंद्र वशिष्ठ, अंकुर सैनी, विनोद कुमार, विमल कुमार, विकास चंद्र, वसीम सलमानी, विक्रम शाह, कपिल गुप्ता, प्रेम कश्यप, नकुल महेश्वरी, नितिन कश्यप, समर्थ अग्रवाल, आशु श्रीवास्तव, संदीप कुमार, अजयदास महाराज, गोविंद सिंह बिष्ट, ऋषभ अरोरा, आशीष भारद्वाज, उज्जवल वालिया, अमित गुप्ता, रचित अग्रवाल आदि शामिल रहे।

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