उत्तराखंड

मात्र दो सप्ताह में 19 गाँवों में 1400 लोगों तक पहुँचा सोलानी नदी संरक्षण अभियान

कलयुग दर्शन (24×7)

विनय कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार, रुड़की। सोलानी नदी, जो हरिद्वार जनपद की कृषि और पारिस्थितिकी की जीवनरेखा है, बढ़ते प्रदूषण और अनियंत्रित कचरा निपटान से गंभीर संकट में है। इसके संरक्षण के लिए पीपल्स साइंस इंस्टीट्यूट (पीएसआई), देहरादून द्वारा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (क्षेत्रीय कार्यालय, रुड़की) के सहयोग से 5 फरवरी 2026 से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। मात्र दो सप्ताह में यह अभियान 19 गाँवों में सफलतापूर्वक पहुँच चुका है। इस दौरान 17 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, 7 महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ संवाद कार्यक्रम तथा किसान एवं युवा समूहों के साथ तकनीकी चर्चा आयोजित की गई। अभियान के माध्यम से अब तक लगभग 1400 लोगों को सीधे तौर पर जागरूक किया जा चुका है। जिन गाँवों में यह अभियान संचालित किया गया, उनमें जसवावाला, कोटा मुरादनगर, तेलीवाला, हद्दीपुर, सोहलपुर सिकरौड़ा, औरंगाबाद, हकीमपुर तुर्रा, डाडा जलालपुर, बहबलपुर, भगवानपुर, इब्राहिमपुर मसाही, मसाई कला, खुब्बनपुर, सईदपुर, सिसौना, चौली, मंडावर, कुआंखेड़ा और भुरानी खातीरपुर शामिल हैं।

कार्यक्रमों में स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, जल स्रोतों की सुरक्षा, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभाव, ‘वॉश’ (WASH) कार्यक्रम तथा जैविक खेती और जल संरक्षण तकनीकों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। किसानों को पारंपरिक फ्लड सिंचाई के स्थान पर ड्रिप एवं स्प्रिंकलर तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि भूजल स्तर और मिट्टी की उर्वरता को संरक्षित रखा जा सके। प्रत्येक कार्यक्रम का समापन IEC (सूचना, शिक्षा और संचार) पोस्टर को विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों आदि सार्वजनिक स्थलों पर लगाकर तथा ‘पर्यावरण शपथ’ के साथ किया गया। पीएसआई टीम के सदस्य इकबाल अहमद, प्रेम नारायण, प्रियांशु गुप्ता, मोहम्मद तासिफ हुसैन, उपलक्ष सैनी,रामसेवक एवं भूपेंद्र ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह अभियान नदी संरक्षण के प्रति समुदाय की जागरूकता बढ़ाने और सोलानी नदी को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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