तीसरे जुमे की नमाज अदा कर रोजेदारों ने मांगी मुल्क के अमन चैन और खुशहाली की दुआएं

कलयुग दर्शन (24×7)
अवधेश भूमिवाल (संवाददाता)
हरिद्वार। पवित्र रमजान के तीसरे जुमे पर रोजेदारों ने शहर एवं देहात की मस्जिदों में नमाज अदा मुल्क के अमनोचैन, तरक्की, खुशहाली और आपसी सौहार्द की दुआएं मांगी। ज्वालापुर की जामा मस्जिद के साथ भेल सेक्टर-1, ज्वालापुर मंडी की मस्जिद, अली मस्जिद, मनिहारों की मस्जिद, कुबा मस्जिद, मदीना मस्जिद, खजूर वाली मस्जिद, दर्जियों की मस्जिद के साथ देहात की मस्जिदों में भी उत्साह के साथ रमजान के तीसरे जुमे की नमाज अदा की गयी। भेल मस्जिद में मुफ्ती इंतजार ने माहे रमजान की बरकतों पर बयान देते हुए कहा कि रोजा जीवन के विभिन्न पहलुओं में सुधार की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि पवित्र रमजान माह में अल्लाह की इबादत करनी चाहिए।

कलाम पाक की तिलावत भी करें और इंसानियत की खिदमत में लगे रहें। गरीब निर्धन परिवारों की मदद करें। किसी का भी दिल ना दुखाएं। उन्होंने कहा कि अल्लाह ताल्हा रोजेदार को एक नेकी के बदले 70 नेकीयों से नवाजता है। उन्होने फरमाया कि रोजे की हालत में झूठ, फरेब, चुगली नहीं करनी चाहिए। रोजा पूरे शरीर का होता है। अल्लाह ताल्हा की इबादत में समय लगाएं और अकीदत के साथ नमाज़ पढ़ंे। हाजी नईम कुरैशी ने कहा कि रोजा जीवन में बदलाव लाता है। पैगंबर मोहम्मद साहब की सुन्नतों पर अमल करते हुए आगे बढ़ंे। ईमान से ही इस्लाम की पहचान है। पवित्र रमजान इंसान को कर्तव्य की ओर अग्रसर करता है। रोजा रखकर अनावश्यक बातों से बचंे। नमाज एवं कलाम पाक पढ़ते रहें और देश की खुशहाली एवं सौहार्द, अमन चैन और भाईचारे के लिए दुआएं करें।



