प्रभु श्रीराम के प्रति पूर्ण समर्पण से ही वास्तविक आनंद की प्राप्ति होती है: स्वामी कैलाशानंद गिरी
राम कथा के श्रवण से कल्याण और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है: स्वामी राजराजेश्वराश्रम

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (संवाददाता)
हरिद्वार। जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम जन-जन के आराध्य हैं। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की कथा का श्रवण करने से कल्याण और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज के संयांेजन मे श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, त्याग और ईश्वर भक्ति का मार्ग दिखाता है। जिससे धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि कलियुग में राम नाम का स्मरण ही मुक्ति का माध्यम है।

राम नाम की महिमा इतनी अपरंपार है कि राम नाम स्मरण करने मात्र से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा का श्रवण करने के साथ कथा से मिले ज्ञान को आचरण में धारण कर आदर्श समाज बनाने में सहयोग करें। श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम की शरण में जाने से व्यक्ति का जीवन भवसागर से पार होता है। रामकथा सुनने मात्र से जीवन के सभी कष्ट और संशय दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में धर्म का पालन करने वाले प्रभु श्रीराम के प्रति पूर्ण समर्पण से ही वास्तविक आनंद की प्राप्ति होती है। स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि 14 जून तक चलने वाली श्रीराम कथा में देश विदेश के श्रद्धालु शामिल होंगे। उन्होंने सभी से कथा श्रवण का लाभ उठाने की अपील भी की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।



