रसोई गैस सिलेंडर की कमी से शहर में मचा कोहराम, गैस एजेंसियों की मनमानी, उपभोक्ता परेशान

कलयुग दर्शन (24×7)
सरविन्द्र कुमार (संवाददाता)
हरिद्वार। जनपद में बढ़ती घरेलू गैस सिलेंडर की कमी से जनता में कोहराम मचा हुआ है। दिन प्रतिदिन घरेलू गैस सिलेंडर की कमी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी समस्या बन गई है। जहां पूरे देश के साथ हरिद्वार जनपद के प्रत्येक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडर की कमी के चलते हुए प्रत्येक घरों में खाना बनाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय घरेलू गैस सिलेंडर की कमी देश में प्रत्येक घर की बड़ी समस्या बनी हुई है, जिसके चलते देश का प्रत्येक नागरिक परेशान है।


इस बीच गैस एजेंसियों ने जनता को काफी परेशान किया हुआ है, जिसमें कुछ लोगों का कहना है कि गैस एजेंसी से पर्ची कटने के बाद भी लगभग 8 दिनों तक भी गैस एजेंसी की तरफ से उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। गैस एजेंसियां अपने मनमानी रवैये से उपभोक्ताओं को परेशान कर रही हैं। जिसके चलते शहर के हर नागरिक को प्रत्येक दिन अपना काम छोड़कर गैस एजेंसियों पर सुबह से लंबी कतारों में लगना पड़ता हैं और शाम तक भी गैस एजेंसी द्वारा उनको गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। पहले तो उपभोक्ताओं को गैस पर्ची कटवाने के लिए गैस एजेंसियों पर लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है, फिर पर्ची कटने के बाद भी गैस एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को एक सप्ताह तक भी गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

कुछ लोगों का कहना है कि वह प्रत्येक दिन अपना रोजगार छोड़कर गैस एजेंसियों पर इस आश से जाते हैं कि आज गैस सिलेंडर उनको उपलब्ध हो जाएगा, मगर उसके बावजूद भी गैस एजेंसी द्वारा उनको बहाने बनाकर टाल दिया जाता है। कुछ लोगों का कहना है कि उनके घर पर गैस सिलेंडर को खत्म हुए 6 से 7 दिन हो चुके हैं जिस कारण उनके घर में खाना बनाने में बड़ी कठिनाई हो रही है अगर यही हाल रहा तो घरेलू गैस की किल्लत से शहर की जनता को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की देश में कोई कमी नहीं है बावजूद उसके गैस एजेंसियों द्वारा की गई मनमानी के चलते आम नागरिकों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रसोई गैस की किल्लत को लेकर कई सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों द्वारा शहर में जगह-जगह प्रदर्शन किया जा रहे हैं। जनता का कहना है कि फेल साबित हो रहे सरकार और प्रशासन के दावे। लंबी कतारों में लगे कई लोगों का कहना है कि कुछ लोगों को घर पर खाना बनाने की किल्लत को लेकर गैस सिलेंडर 2500 से 2800 रुपए तक ब्लैक में लेना पड़ रहा है।

वहीं कई सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों का कहना है जनता रसोई गैस सिलेंडर के लिए परेशान है। पूरे देश में गैस एजेंसियों के सामने लंबी लाईनों की तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं। रसोई गैस की कमी नहीं होने के सरकार और प्रशासन दावे फेल साबित होते नजर आ रहे हैं। सरकार और प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। रसोई गैस नहीं मिलने से कई होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्नक्षेत्र बंद हो चुके हैं। जिसके चलते उनके सामने अपने परिवार को पालने का बड़ा संकट पैदा हो गया है। इससे पता चलता है कि देश में गैस का संकट बहुत विकराल है। जनता को राहत देने के लिए केंद्र सरकार रसोई गैस की किल्लत दूर करने के लिए गैस एजेंसियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई करे। देखते हैं कब लगेगी गैस एजेंसी की मनमानी पर लगाम, कब होगा जनता की समस्या का निदान।



