साध्वी अंजनी देवानंद गिरी बनी निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर
मातृशक्ति को उच्च स्थान प्रदान करने में निरंजनी अखाड़ा अग्रणी: श्रीमहंत रविंद्रपुरी

कलयुग दर्शन (24×7)
नरेश मित्तल (संवाददाता)
हरिद्वार। शिव शक्ति धाम की परमाध्यक्ष साध्वी अंजनी देवानंद गिरी को निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर की पदवी प्रदान की गयी है। आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह में निरंजनी अखाड़े के पंचपरमेश्वरों एवं सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पुष्पवर्षा करते हुए तिलक चादर प्रदान कर साध्वी अंजनी देवानंद गिरी का महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक किया। नवनियुक्त महामंडलेश्वर साध्वी अंजनी देवानंद गिरी को शुभकामनाएं देते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुुरी महाराज ने कहा कि निरंजनी अखाड़े की परंपरांओं को आगे बढ़ाते हुए अखाड़े की उन्नति और धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन में यांेगदान करें। उन्होंने कहा कि संत परंपरा में मातृशक्ति को उच्च स्थान प्रदान करने में निरंजनी अखाड़ा सबसे अग्रणी है। अखाड़े की कई महिला संत सनातन के प्रचार प्रसार में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने कहा कि महामंडलेवर साध्वी अंजनी देवानंद गिरी युवा और विद्वान संत हैं। संत समाज को पूर्ण विश्वास है कि वे देश विदेश में सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार के साथ मातृशक्ति के उत्थान में भी योगदान करेंगी। सभी संतों, अतिथीयों व श्रद्धालु भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए महामंडलेश्वर साध्वी अंजनी देवानंद गिरी ने कहा कि पूज्य गुरूदेव महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज से प्राप्त ज्ञान और उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी के नेतृत्व में समाज को धार्मिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगी। संत परंपरांओं के अनुरूप निरंजनी अखाडे की तरक्की तथा मानव कल्याण में योगदान ही उनके जीवन का लक्ष्य है। समरोह का संचालन कर रहे निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज और महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी ने भी नवनियुक्त महामंडलेश्वर साध्वी अंजनी देवानंद गिरी को शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर स्वामी वेदानंद गिरी, स्वामी नर्मदा गिरी, साध्वी आशु गिरी, स्वामी आदि योगी पुरी, स्वामी ब्रह्मानंद गिरी, साध्वी निहारिका गिरी, स्वामी चिदविलासानंद, स्वामी गंगा गिरी, स्वामी उमेश गिरी, महंत राजा गिरी सहित बड़ी संख्या संत, अतिथी व श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।



