उत्तराखंड

सौभाग्य से मिलता है संतों के सानिध्य में गंगा तट पर श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण का अवसर: स्वामी रविदेव शास्त्री

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। रेलवे रोड़ स्थित श्री साधु गरीबदासी धर्मशाला सेवाश्रम ट्रस्ट के ब्रह्मलीन परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर डा.स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री महाराज की सातवीं पुण्यतिथी के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराते हुए कथाव्यास स्वामी रविदेव शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परम कल्याणकारी और ज्ञान का अथाह भण्डार है। उन्होंने कहा कि अन्य युगों में पुण्य प्राप्ति और कल्याण के लिए जहां अनेक यत्न करने पड़ते थे। वहीं कलयुग में श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से ही कल्याण और मोक्ष को प्राप्त किया जा सकता है। स्वामी रविदेव शास्त्री ने कहा कि आवश्यकता कथा से मिले ज्ञान को आचरण में धारण करने की है। कथा ज्ञान के अनुसार जीवन बिताने से पुण्य, कल्याण और मोक्ष तीनों स्थिति को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर संतों के सानिध्य में श्रीमद्भागवत कथा श्रवण का अवसर सौभाग्य से प्राप्त होता है। इसलिए इस अवसर को कभी ना गंवाए और दूसरों को भी भगवत कृपा प्राप्त करने के लिए करें।

गौ गंगाधाम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी निर्मल दास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा साक्षात श्री हरि की वाणी है। श्रीमद्भागत कथा कलिकाल की वैतरणी है। कथा के श्रवण और मनन से सभी इच्छाओं की पूर्ति सहज ही हो जाती है। स्वामी हरिहरानंद, स्वामी दिनेश दास, स्वामी शिवम महाराज, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी ज्योर्तिमयानंद ने भी श्रद्धालु भक्तों को आशीर्वचन प्रदान किए। मुख्य यजमान रश्मि बेन एवं नवीन चन्द्र भट्ट ने व्यासपीठ का पूजन किया और फूलमाला पहनाकर सभी संत महापुरूषों का स्वागत कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर संजय वर्मा, पंडित पदम प्रसाद सुवेदी, लोकनाथ सुवेदी, शेखर वर्मा, आश्रम के ट्रस्टी व श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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