श्रद्धापूर्वक मनाया गया श्री स्वामिनारायण आश्रम का पाटोत्सव
संस्कृत पाठशाल की स्थापना स्वामी हरिवल्लभदास शास्त्री का सराहनीय कार्य: स्वामी हरिचेतनानंद

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दीपक झा (संवाददाता)
हरिद्वार। भूपतवाला स्थित श्री स्वामिनारायण आश्रम का 23वां पाटोउत्सव आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी हरिवल्लभदास शास्त्री महाराज के सानिध्य एवं स्वामी आनंद स्वरुप शास्त्री महाराज के संयोजन में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर संत सम्मेलन और बटुक ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार का आयोजन किया गया। संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वामी हरिवल्लभ दास शास्त्री महाराज ने कहा कि श्री स्वामिनारायण आश्रम सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार के साथ मानव सेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सनातन हिंदू धर्म के संरक्षण संवर्धन के लिए बटुक ब्राह्मणों को संस्कृत और वेद शिक्षा में पारंगत कर धर्म के संवर्धन का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपनयन संस्कार के बाद बटुक ब्राह्मण वेंदों का अध्ययन कर सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार प्रसार में योगदान करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद ने कहा कि सनातन वैदिक धर्म के 16 संस्कारों में उपनयन संस्कार सबसे महत्वपूर्ण है। सनातन धर्म संस्कृति के उन्नयन के लिए बटुक ब्राह्मणों को तैयार करने के लिए संस्कृत पाठशाला स्थापित कर स्वामी हरिवल्लभ दास शास्त्री ने सराहनीय कार्य किया है। महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद ने स्वामी हरिवल्लभ दास शास्त्री महाराज ने धर्मनगरी हरिद्वार में श्री स्वामिनारायण संप्रदाय को प्रतिष्ठित करने का कार्य किया है।

सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए स्वामी आनंद स्वरूप शास्त्री ने कहा कि धर्म, भक्ति और अध्यात्म का प्रचार प्रसार कर समाज को दिशा देना ही श्री स्वामिनारायण संप्रदाय का उद्देश्य है। पूज्य गुरूदेव स्वामी हरिवल्लभदास शास्त्री महाराज के मार्गदर्शन में श्री स्वामिनारायण आश्रम की सेवा संस्कृति का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। कोठारी जयेंद्र स्वामी, स्वामी धर्मानंद, स्वामी गंगासागर, योगेश भगत, प्रतीक भाई, लंदन से आए अशोक भाई, कच्छ गुजरात से आए हीर भाई आदि ने फूलमाला पहनाकर संत महापुरूषों का स्वागत किया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद, महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद, महामंडलेश्वर अरुण दास, बाबा हठयोगी, साध्वी रामा देवी, साध्वी भक्ति देवी, महंत दिनेश दास, महंत मोहन सिंह, स्वामी ज्ञानानंद शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद, महंत सूरज दास, महंत जगजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में संत महंत व पार्षद सूरज शर्मा एडवोकेट अरविंद शर्मा, पूर्व पार्षद अनिरुद्ध भाटी सहित श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।



