उत्तराखंड

विश्व के 5211 किलो वजनी विशाल पारद शिवलिंग की हरिद्वार में प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार स्थित श्री साई शिव गंगा धाम में विश्व के 5211 किलोग्राम वजनी विशाल पारद शिवलिंग की तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और भक्तिमय वातावरण के बीच सम्पन्न हुई। इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर से आए 2000 से अधिक श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की। यह आयोजन गुरु गोरक्षनाथ परंपरा, गिरनार के पूज्य पीर योगी महंत सोमनाथ बापू के आशीर्वाद तथा पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। आयोजन का उद्देश्य विश्व शांति, मानव कल्याण और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा। ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी ने लगभग दस वर्षों की साधना, अनुसंधान और पारद विज्ञान के अध्ययन के बाद इस विशाल पारद शिवलिंग का निर्माण कराया। शिवलिंग के निर्माण में पारा, चांदी, स्वर्ण तथा 108 प्रकार की जड़ी-बूटियों के अर्क का उपयोग किया गया है। उनके अनुसार यह शिवलिंग केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि ध्यान, सकारात्मक ऊर्जा और मानव चेतना के जागरण का माध्यम भी है। इससे पूर्व वर्ष 2019 में उन्होंने लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ विशाल अश्वमेध यज्ञ का आयोजन भी किया था। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जी महाराज, श्री सुधांशु जी महाराज, स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज, स्वामी रविन्द्र पुरी जी महाराज, विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र जी, साध्वी ऋतंभरा जी, आचार्य मनीष जी (HIIMS), सांसद राघव चड्ढा, गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम सहित अनेक संतों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। आयोजन की सफलता में उद्योगपति एवं समाजसेवी राजीव बंसल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि साईं बाबा की कृपा से उन्हें इस दिव्य कार्य में सेवा का अवसर मिला।

समारोह के समापन पर ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी ने श्रद्धालुओं, संतों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन की सफलता में आदरणीय दादाश्री, मनोज तोषनीवाल परिवार, मनोज गोहद, आईजी तकवाले, ममता जिवाल, तरुण भंडारी, अमित अग्रवाल, रमेश सांवरथिया, डॉलरभाई कोटेचा, सुधीर अग्रवाल, राजू ओसवाल और जितेन्द्र राठी सहित अनेक श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी दिव्यांग सशक्तिकरण, महिला किसान उत्थान, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक नवाचार के क्षेत्र में भी कार्य कर रहे हैं। दिव्यांग इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCAI) के माध्यम से दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। समारोह के अंत में “ध्यान से शांति, शांति से सद्भाव और सद्भाव से विश्व कल्याण” का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

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