धामी कैबिनेट के 12 बड़े फैसले: उपनल कर्मचारियों को समान वेतन, उत्तराखंड पूर्ण साक्षर राज्य घोषित

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मो नदीम (संपादक)
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत शोक प्रस्ताव से हुई, जिसमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी और पद्मश्री सम्मानित अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शिक्षा, पर्यटन, कृषि, आबकारी, पशुपालन और कार्मिक मामलों से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने, आबकारी नियमावली में संशोधन कर दोहरे कर को समाप्त करने और पर्यटन विभाग की हिमालय कार रैली के आयोजन को मंजूरी दी। कृषि विभाग के सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में परफ्यूम परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने का फैसला लिया गया। वहीं कोलतार की उपलब्धता में कमी के कारण सड़क निर्माण कार्यों के टेंडर और अनुबंध अवधि बढ़ाने को भी स्वीकृति दी गई। कैबिनेट ने कारागार नियमावली में ‘अभ्यस्त अपराधी’ की परिभाषा तय करने, सेवा नियमावली में संशोधन कर विभिन्न विभागों में पदों की संख्या बढ़ाने तथा राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ हाल की भर्तियों में भी देने का निर्णय लिया। चारधाम यात्रा में उपयोग होने वाले घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत खर्च सरकार वहन करेगी। इस योजना पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा पशुपालन विभाग की कृत्रिम गर्भाधान योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मंजूरी दी गई।

उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत-
कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फैसला उपनल कर्मचारियों के पक्ष में रहा। लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग कर रहे उपनल कर्मियों को सरकार ने बड़ी राहत देते हुए इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार के इस फैसले से हजारों उपनल कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। धामी सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार, कर्मचारी हित और राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



