भगवान शिव को समर्पित है सावन: स्वामी कैलाशानंद गिरी

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राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि महादेव शिव की आराधना से असंभव भी सहज ही संभव हो जाता है। भगवान शिव की कृपा के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं करना पड़ते। केवल एक लोटा जल अर्पण करने से ही प्रसन्न होकर महादेव शिव अपने भक्तों की समस्त इच्छाएं पूर्ण कर देते हैं। श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित विशेष शिव साधना के दौरान श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि शिव आराधना से बड़े से बड़े कष्ट और संकट भी दूर हो जाते हैं और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। अत्यंत पवित्र सावन का प्रत्येक दिन पर्व के समान है। सावन में नियम और संयम से शिव आराधना करने से कई तीर्थाे में स्नान करने के समान पुण्य प्राप्त होता है।

स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने बताया कि सावन में ही समुद्र मंथन हुआ था। जिसमें निकले हलाहल विष के प्रभाव से संसार को बचाने के लिए भगवान शिव ने उसे अपने कंठ में धारण कर लिया था। जिससे उनका शरीर नीला हो गया और वे नीलकंठ कहलाए। विष के प्रभाव को दूर करने के लिए देवी देवताओं ने भगवान शिव पर गंगा जल चढ़ाया। इसके बाद से ही सावन में भगवान का रूद्राभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई। जो व्यक्ति सावन में महादेव का रूद्राभिषेक करते हैं। शिव कृपा से उसके जीवन की सभी कठिनाईयां दूर हो जाती हैं। इस दौरान स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।



