उत्तर प्रदेश

इमरान मसूद के बयान से गरमाई सियासत, 2027 गठबंधन पर उठे सवाल

कलयुग दर्शन (24×7)

मो नदीम (संपादक)

सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। हाल ही में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में संभावित सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी इसका असर पड़ सकता है। विगत दिवस आयोजित बैठक में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही। इस संबंध में महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी ने कहा कि उन्हें बैठक की कोई सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिला कार्यालय ही महानगर कार्यालय है और वह सदैव वहीं मौजूद रहते हैं। इस घटनाक्रम को संगठन में तालमेल की कमी के रूप में देखा जा रहा है। इधर सांसद इमरान मसूद द्वारा जनपद की सातों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी उतारने की घोषणा भी राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है। हालांकि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से अभी तक इस प्रकार की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

मानना जा रहा है कि यदि 2027 विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन होता है तो सीट बंटवारे को लेकर यह बयान असहज स्थिति पैदा कर सकता है। पूर्व सांसद हाजी फजलुर रहमान ने भी सांसद इमरान मसूद के बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भाजपा जैसी सांप्रदायिक पार्टी को रोकने का कार्य समाजवादी पार्टी ने किया है, ऐसे में इमरान मसूद का बयान पूरी तरह विरोधाभासी प्रतीत होता है। उन्होंने सांसद को नसीहत देते हुए बयानबाजी से बचने की सलाह दी। सांसद इमरान मसूद के लगातार विवादित बयानों और संगठनात्मक असंतुलन के कारण आगामी विधानसभा चुनाव में विपक्षी एकता की रणनीति प्रभावित हो सकती है। सांसद इमरान मसूद का यह बयान उसे समय सामने आया है जब 18 में को कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा और उसमें देश प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व भागीदारी करेगा जब अब देखना होगा कि विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन शीर्ष नेतृत्व की रणनीति के अनुसार होता है या फिर सांसद इमरान मसूद की घोषित लाइन पर आगे बढ़ा जाता है।

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