उत्तराखंड
जनसुनवाई में 66 शिकायतें दर्ज, 30 का मौके पर निस्तारण
डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

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हिमांशु (संवाददाता)
हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी 66 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 30 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया।
भूमि विवाद, जलभराव और अतिक्रमण की शिकायतें प्रमुख
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, पेयजल और जलभराव से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। लालढांग की महिलाओं ने भूमि पर अवैध कब्जा और नाली का गंदा पानी खेतों में छोड़े जाने की शिकायत की। वहीं लक्सर क्षेत्र के ग्रामीणों ने विस्थापित भूमि पर कब्जे के प्रयासों को लेकर पैमाइश की मांग उठाई।
सीवर लाइन कार्य में लापरवाही का आरोप
मोहन इंक्लेव कॉलोनी के लोगों ने पेयजल निगम द्वारा चल रहे सीवर लाइन कार्य में लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई। वहीं ग्राम थिथौला खेमपुर की प्रधान सना ने लंढौरा नगर पंचायत का गंदा पानी गांव और किसानों की फसलों तक पहुंचने की समस्या उठाई।

दोबारा आने वाली शिकायतों पर होगी कार्रवाई
डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों का दोबारा प्रस्तुतिकरण हो रहा है, उनमें संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई करें, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि एल-1 स्तर पर 583 और एल-2 स्तर पर 143 शिकायतें लंबित हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 36 दिन से अधिक पुरानी शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं से फोन पर संपर्क कर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ लालित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।



