उत्तराखंड

मोक्ष प्रदान करती है शिव आराधना: स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (संवाददाता)

हरिद्वार। जस्साराम रोड़ स्थित श्री जगद्गुरू उदासीन आश्रम के 55वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि ने कहा कि भगवान शिव की आराधना मोक्ष प्रदान करती है। धर्म और ज्ञान से ही मनुष्य का उद्धार होता है। उन्होंने कहा कि इस मृत्यु लोक में शिव महापुराण से बढ़कर कल्याण का कोई दूसरा माध्यम नहीं है। शिव महापुराण कथा के श्रवण से समस्त पापों का शमन हो जाता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को निर्मल मन से भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए।

कथाव्यास पंडित लक्ष्मी नारायण शास्त्री ने श्रद्धालु भक्तों को ब्रह्मा विष्णु विवाद, शिवलिंग प्राकट्य आदि प्रसंगों का श्रवण कराते हुए कहा कि अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है और शिव महापुराण कथा सुनने से चित्त शुद्ध होता है। जो व्यक्ति शुद्ध अंतःकरण से भगवान शिव का ध्यान करता है। उसके सब मनोरथ सिद्ध होते हैं। मुख्य यजमान कान्ता दुग्गल, नितिन दुग्गल, तरूण तुग्गल, चीतेश दुग्गल ने सभी संतों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया और आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी दिनेश दास, स्वामी ज्योर्तिमयानंद, महंत सूरज दास, महंत बिहारी शरण, साध्वी नाराण गिरी, भावना सखेड़ी सहित कई संत महंत मौजूद रहे।

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