
कलयुग दर्शन (24×7)
सरविन्द्र कुमार (सह संपादक)
हरिद्वार। जनपद के खानपुर थाना क्षेत्र में रात्रि में सो रहे व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका सगा बेटा ही निकला। आरोपित पिता की रोक-टोक करने की आदत के परेशान था, जिस कारण उसने यह घातक कदम उठाया। हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने पांच हजार व पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल ने 25 हजार का ईनाम देने की घोषणा की है। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया कि 23 मई की देर रात्रि को खानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हस्तमौली बस्ती निवासी व्यक्ति की सोते हुए गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। हत्या के सबंध में मृतक के मलखान के पुत्र सौरभ ने 112 नंबर पर पुलिस को हत्याकांड की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। मौके मलखान पुत्र स्वर्गीय महेन्द्र सिंह मृत पड़ा हुआ था। उसके सीने में गोली मारी गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस को मृतक के संबंध में जानकारी मिली की मृतक मलखान एक साधारण जीवन जीता था, जिसे शराब पीने की लत थी। उसका बड़ा पुत्र सूरज घर पर ही रहता था और अधिकतर समय मोबाइल में पबजी, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप आदि पर व्यस्त रहता था। मृतक का पुत्र सूरज लड़कियों से भी फोन पर बातें किया करता था, जिस पर मृतक मलखान को आपत्ति थी। मलखान द्वारा अपने पुत्र को समय बर्बाद न करने के लिए अक्सर टोका-टोकी की जाती थी। आरोपित ने बताया कि उसके पिता खुद तो कुछ काम धंधा करते नहीं थे, मेरी मां दिहाड़ी मजदूरी पर जाती थी। जिस कारण मृतक का उसके बड़े पुत्र सूरज से लगातार विवाद हो रहा था।
एसएसपी ने बताया कि घटना के दिन भी मृतक और उसके पुत्र सूरज के बीच मामूली विवाद हुआ था। जैसे ही मलखान चारपाई पर सोया, उसके पुत्र सूरज उम्र 19 वर्ष ने सीने में गोली मार दी और फिर चुपचाप अपने बिस्तर पर लेट गया। घर पर मृतक की पत्नी और छोटा पुत्र भी थे, जो गहरी नींद में सो रहे थे। गोली की आवाज से हल्की सी हलचल हुई, परंतु कोई स्पष्ट स्थिति न पाकर पुनः सो गए। प्रातः 4 बजे जब मृतक की पत्नी ने पति को उठाया तो खून से लथपथ अवस्था में मृत पाया।
मासूम बनने की कोशिश में छिपा अपराधी
एसएसपी के मुताबिक बेटे सूरज ने भी मगरमच्छ के आंसू बहाकर मातम में भाग लिया, परंतु हरिद्वार पुलिस की सूक्ष्म दृष्टि ने उसकी हरकतों में संदेह देखा गया। जब पुलिस ने सघन पूछताछ की, तो आरोपी टूट गया और अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह अपने पिता की रोज-रोज की डांट से परेशान था, इसी कारण उसने अपने पास मौजूद 12 बोर के तमंचे से हत्या कर दी और हत्या के बाद तमंचे को पास ही गन्ने के खेत में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया है। पुलिस ने विधिक कार्यवाही करते हुए आरोपित का चालान कर दिया है।
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