बहादराबाद टोल प्लाजा पर लाठीचार्ज में फूटा किसानों का गुस्सा
संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री के एसडीएम को सौंपा 10 सूत्रीय मांगपत्र

कलयुग दर्शन (24×7)
सागर कुमार (सह संपादक)
हरिद्वार। बहादराबाद टोल प्लाजा पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (क्रांति अराजनीतिक), भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) और भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने लक्सर प्रेस क्लब एसोसिएशन में संयुक्त प्रेस वार्ता कर पुलिस प्रशासन व सरकार को कड़ी चेतावनी दी। प्रेस वार्ता के बाद किसानों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन एसडीएम लक्सर को सौंपा और दोषी पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। भा.कि.यु. तोमर के प्रदेश अध्यक्ष परविंदर चौधरी ने बताया कि 21 अगस्त को किसान गन्ने का मूल्य 500 करने, स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने, पुराने ट्रैक्टरों की आरसी निरस्त न करने, बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी करने और किसानों के कर्ज व बकाया बिजली बिल माफ करने जैसी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने देहरादून जा रहे थे।
इसी दौरान बहादराबाद टोल प्लाजा पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया और बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज किया, जिसमें 30 से अधिक किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। भा.कि.यु. क्रांति के जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार किसानों की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो किसान सड़क से सदन तक आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रेस वार्ता में किसानों को भीम आर्मी का भी साथ मिला। प्रदेश प्रभारी दीपक सैठपुर ने कहा कि भाजपा सरकार का रवैया किसानों व आम नागरिकों के प्रति असंवेदनशील है और किसानों पर हुआ लाठीचार्ज लोकतंत्र पर सीधा हमला है। वहीं एसडीएम लक्सर सौरव असवाल ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा का ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा जा चुका है। ज्ञापन देने वालों में अनिल चौधरी (अध्यक्ष भाकियू क्रांति अराजनीतिक), परविंदर चौधरी (अध्यक्ष भाकियू तोमर), सोहनवीर गुर्जर, पंकज सैनी, उस्मान, सोमवीर सैनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
[banner id="7349"]