उत्तराखंड

निर्मल अखाड़े के संतों ने किया गुरू दशमेश के अदम्य शौर्य की गाथा पुस्तक के लेखकों को सम्मानित

धर्म रक्षा और राष्ट्र रक्षा की प्रेरणा देगी पुस्तक: महंत जसविंदर सिह

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज के संयोजन में अखाड़े के संतों ने दसवें सिख गुरू गुरू गोविंद सिंह के जीवन पर गुरू दशमेश के अदम्य शौर्य की गाथा पुस्तक के लेखक हरिराम भार्गव व हेतराम भार्गव को सम्मानित किया है। अखाड़े में शॉल ओढ़ाकर पुस्तक के लेखकों को सम्मानित करते हुए कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि धर्म रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण करने वाले गुरू गोविंद सिंह का जीवन त्याग, तपस्या, साहस और शौर्य की अद्भूत गाथा है। उन्हांेंने कहा कि हरिराम भार्गव व हेतराम भार्गव ने गुरू गोविंदसिंह के जीवन पर पुस्तक की रचनाकर सराहनीय कार्य किया है।

पुस्तक सभी को गुरू गोविंद सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर धर्म रक्षा और राष्ट्र रक्षा के मार्ग पर अग्रसर करने का कार्य करेगी। पुस्तक के लेखक हरिराम भार्गव व हेतराम भार्गव ने कहा कि वे भाग्यशाली हैं कि उन्हें अद्वितीय साहस के प्रतीक गुरू गोविंद सिंह के जीवन पर पुस्तक की रचना करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि पुस्तक में गुरू गोविंद सिंह के जीवन से जुड़े अनेक प्रसंगों को शामिल किया गया है। जिससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर डा.स्वामी केशवानंद, महंत निर्भय सिंह, महंत जसकरण सिंह, संत वीर सिंह सहित अखाड़े के सभी संतों ने पुस्तक के लेखक हरिराम भार्गव व हेतराम भार्गव को सम्मानित किया और शुभकामनाएं दी।

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