उत्तराखंड

भेलकर्मी की पुत्री जिज्ञासा का एमबीबीएस के लिए चयन

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। ब्लॉक 2, हीप, बीएचईएल, हरिद्वार मे वरिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत बृजेश कुमार की पुत्री जिज्ञासा ने नीट 2025 के परीक्षा मे सफलता हासिल करते हुए तृतीय चरण की काउंसलिंग मे राजकीय मेडिकल कालेज कुशीनगर,(निकट गोरखपुर) उत्तर प्रदेश मे एमबीबीएस पाठ्यक्रम मे दाखिला प्राप्त हुआ है। गौरतलब है कि इस बार की नीट प्रवेश परीक्षा का प्रश्न पत्र विगत कई वर्षो की तुलना मे कठिन था। जिज्ञासा की माता सुषमा कुमारी ने बताया कि बेटी ने एन.टी.ए. द्वारा आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) प्रवेश परीक्षा मे भी 95.57% के साथ क्वालीफाई किया था। साथ ही कुछ ही महीनो पूर्व एम्स दिल्ली द्वारा आयोजित बी.एस.सी. नर्सिंग (आनर्स) जो कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा होती है। जिसमे पूरे भारत मे अनुसूचित जाति वर्ग के लिए मात्र 192 सीट होती है। कठिन प्रतिस्पर्धा मे प्रवेश परीक्षा उतीर्ण करते हुए एम्स रायबरेली मे बी.एस.सी. नर्सिंग (आनर्स) मे अध्य्यनरत थी। जिज्ञासा की पढाई-लिखाई दिल्ली पब्लिक स्कूल, रानीपुर, हरिद्वार मे हुई।

जिज्ञासा ने नीट प्रवेश परीक्षा की तैयारी उत्तराखंड के प्रतिष्ठित संस्थान ज्वालापुर, हरिद्वार मे स्थित रसायनम संस्थान से वैभव त्रिवेदी एवं कुश मिश्रा के दिशा-निर्देशन मे किया। बचपन से ही चिकित्सा क्षेत्र मे करियर बनाने की इच्छा रखने वाली जिज्ञासा ने अपनी इस सफलता का श्रेय कडी मेहनत, परिवार एवं शिक्षकजनों को बताया है। भारत रत्न डॉ0 भीमराव अम्बेडकर को अपना आदर्श बताते हुए जिज्ञासा ने बताया कि पूरे अनुशासन और दृढ निश्चय के साथ कोर्स पूर्ण करके कुशल चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना चाहती है। अवगत करा दें कि जिज्ञासा बचपन से ही कुशाग्रबुद्धि की थी एवं निर्धन परिवारों के बच्चों के लिए नि:शुल्क संचालित डॉ भीमराव अम्बेडकर शिक्षा सहभागिता कार्यक्रम के माध्यम से फैक्ल्टी के रूप मे अपनी सेवाएं भी प्रदान करती रही है। इस उपलब्धि पर प्यारेलाल, रेखा देवी, दिनेश कुमार, आकाश, अनीता, बृजेश, तान्या, शंकर लाल, नागेंद्र कुमार, कंचन देवी, सौरभ, गौरव, दीपक, प्रियंका, करन, राकेश कुमार भारती, चंद्रकली, श्रेया, कुणाल, जयप्रकाश, ऊषा, शिवम, रीना, बबलू, सुनीता, धनंजय, संगीता, अतुल, आशीष, अजय, दिनेश, अनीता ने बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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