उत्तर प्रदेश

नगरायुक्त ने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर लगाया 50 हजार का जुर्माना

62 फुटा रोड पर नाला निर्माण में अनियमितता पाए जाने पर नगरायुक्त ने की कार्रवाई

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अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)

सहारनपुर। नगरायुक्त शिपू गिरि ने आज एक ठेकेदार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई कर दी। नगरायुक्त द्वारा 62 फुटा रोड पर नाला निर्माण की गुणवत्ता में अनियमितता पाये जाने पर ठेकेदार फर्म को छह महीने के लिए निगम के कार्याे से ब्लैक लिस्ट कर उस पर 50 हजार रुपये अर्थदण्ड लगाया है। नगरायुक्त ने सम्बंधित जेई के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। मुख्य अभियंता निर्माण सुरेश चंद ने बताया कि वार्ड नंबर 61 में 62 फुटा रोड स्थित वेंडिंग जोन पर नाला निर्माण कार्य कराया गया था। नगरायुक्त ने उन्हें गुणवत्ता की जांच करने के लिए निरीक्षण के आदेश दिए थे। जिस पर गत 20 जनवरी 2026 को उनके द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर नाला निर्माण में कमियां पायी गयी। इस पर सम्बंधित अवर अभियंता एवं ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस देकर उनका स्पष्टीकरण मांगा गया था। मुख्य अभियंता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि नाले पर रखे जाने के लिए आरसीसी स्लैब हेतु ईंट की शटरिंग लगाकर स्लैब काष्ट किये गए, जिससे स्लैब के किनारे व कोने टूट गए थे।

इसके अलावा स्लैब की मोटाई 10 सेमी प्राविधानित है जबकि कुछ स्लैब की मोटाई कम पायी गयी। प्रथम दृष्टया निर्माण में सीमेंट कम डाली गयी थी। यह भी पाया गया कि नाला एक आलाइनमेंट में नहीं बनाया गया है, दीवार की मोटाई एक सी नहीं हैं। कहीं कम व कहीं अधिक पायी गयी। वेंडिंग जोन के पीछे एक जगह नाले की दीवार 15 सेमी पायी गयी जबकि आगणन में 20 सेमी. का प्रावधान है। मुख्य अभियंता सुरेश चंद की रिपोर्ट और संस्तुति तथा सम्बंधित ठेकेदार के स्पष्टीकरण का अवलोकन करने के बाद नगरायुक्त ने अपने आदेश में कहा कि शासकीय निर्माण में गुणवत्ता अधोमानक करना न केवल अनुबंध की शर्ताे का उल्लंघन है बल्कि साथ ही साथ नाला निर्माण की गुणवत्ता अधोमानक होने के कारण सतत रुप से जानमाल को गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। नगरायुक्त द्वारा अपने आदेश में सम्बंधित ठेकेदार मै. ए.एन कन्स. पर जुर्माना लगाने के साथ ही ठेकेदार को छह माह के लिए निगम के समस्त प्रकार के कार्याे से ब्लैक लिस्ट किया गया है और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सम्बंधित अवर अभियंता के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये गये है।

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