उत्तराखंड

सहारनपुर लौटे राहुल शर्मा, 1300 किमी पैदल यात्रा कर, फूल-मालाओं से किया भव्य स्वागत

कलयुग दर्शन (24×7)

अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)

सहारनपुर। सनातन धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा और आस्था का अद्भुत उदाहरण सहारनपुर में देखने को मिला, जब जिले के युवा राहुल शर्मा ने भारत से नेपाल स्थित पवित्र पशुपतिनाथ धाम तक लगभग 1300 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूर्ण कर धर्म के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया। उनकी इस आध्यात्मिक यात्रा ने पूरे जनपद में सनातन प्रेमियों के बीच विशेष उत्साह और गर्व का माहौल बना दिया। बताया जाता है कि राहुल शर्मा ने भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन करने का संकल्प लिया था, जिसे उन्होंने दृढ़ निश्चय और अटूट विश्वास के साथ पूरा किया। लंबी और कठिन राह, मौसम की चुनौतियों और शारीरिक थकान के बावजूद उन्होंने अपने संकल्प को कमजोर नहीं पड़ने दिया और अंततः नेपाल के पवित्र पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन कर अपनी यात्रा को सफल बनाया। यात्रा पूर्ण कर जब राहुल शर्मा अपने गृह जनपद सहारनपुर लौटे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। स्थानीय लोगों, सनातन धर्म के अनुयायियों और शुभचिंतकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लादकर सम्मानित किया। स्वागत समारोह में मौजूद लोगों ने उनकी इस तपस्या और आस्था को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।

इस भव्य स्वागत कार्यक्रम के दौरान पार्षद राजकुमार शर्मा, प्रवेश योगी, पंडित जी, ऋतिक भाई, संजय शर्मा, राहुल जोगी सहारनपुर, राहुल पटेल, पुरुषोत्तम सैनी और सुरेंद्र गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने राहुल शर्मा को फूल-मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया और उनके इस साहसिक व प्रेरणादायक कदम की सराहना की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में जब लोग सुविधाओं के आदी हो चुके हैं, ऐसे में इतनी लंबी पैदल यात्रा कर भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट करना वास्तव में प्रशंसनीय है। राहुल शर्मा की यह यात्रा न केवल उनकी व्यक्तिगत श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सनातन धर्म की महान परंपराओं और आस्था की शक्ति को भी दर्शाती है। राहुल शर्मा की इस अद्भुत यात्रा और भव्य स्वागत की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। लोग उनके संकल्प, साहस और धर्म के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं। सनातन धर्म के प्रति ऐसी अटूट आस्था समाज में सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक चेतना को आगे बढ़ाने का कार्य करती है।

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