उत्तराखंड

समारोह पूर्वक मनाया गया ब्रह्मलीन आचार्य पुष्पराज महाराज का 97वां अवतरण दिवस

त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन आचार्य पुष्पराज महाराज: स्वामी पारसमुनि

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दीपक झा (संवाददाता)

हरिद्वार। भूपतवाला स्थित विश्व सद्भावना मंदिर के परमाध्यक्ष आचार्य स्वामी पारस मुनि महाराज के सानिध्य में ब्रह्मलीन आचार्य स्वामी पुष्पराज महाराज का 97वां अवतरण दिवस सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों और श्रद्धालु भक्तों के सानिध्य में समारोह पूर्वक मनाया गया। आचार्य स्वामी पारस मुनि महाराज ने कहा कि पूज्य गुरूदेव ब्रह्मलीन आचार्य स्वामी पुष्पराज महाराज त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे। वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें गुरू के रूप में आचार्य स्वामी पुष्पराज महाराज जैसे विद्वान संत का सानिध्य प्राप्त हुआ। पूज्य गुरूदेव की शिक्षाओं और उनके विचारों का अनुसरण करते हुए आश्रम की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। महामंडलेश्वर स्वामी आदि योगी पुरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन आचार्य स्वामी पुष्पराज महाराज विद्वान संत थे। उनके अवतरण दिवस पर सभी को उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए मानव कल्याण में योगदान का संकल्प लेना चाहिए। महामंडलेश्वर स्वामी सहजानंद पुरी एवं स्वामी नागेंद्र महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन आचार्य स्वामी पुष्पराज महाराज संत समाज के प्रेरणास्रोत थे।

सनातन के प्रचार प्रसार में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। समारोह का संचालन करते हुए स्वामी रविदेव शास्त्री ने कहा कि ब्रह्मलीन आचार्य स्वामी पुष्पराज महाराज ने समाज को धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करने के साथ मानव कल्याण में अहम भूमिका निभायी। दीपक जैन, सौरभ जैन, रोहित ननकानी, राजेंद्र मित्तल, डा.हितेश ने सभी संत महापुरूषों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर स्वामी आदि योगी पुरी, स्वामी सहजानंद पुरी, महंत साधनानंद, स्वामी कृष्णानंद, स्वामी नागेंद्र महाराज, स्वामी दिनेश दास, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत रामानंद सरस्वती आदि संत महापुरूष और चंदन ढींगरा, सुनील तनेजा, चंद्रबाला जैन, अनीता, शोभा, अमित वालिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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