उत्तराखंड

चंडी घाट में जरूरतमंद बच्चों को वितरित की गई पाठ्य सामग्री

वसुधैव कुटुंम्बकम् फाउंडेशन ने 32 बच्चों को कॉपी, किताबें और स्टेशनरी सामग्री बांटी

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। वसुधैव कुटुंम्बकम् फाउंडेशन (रजि.) की ओर से चंडी घाट स्थित दिव्या प्रेम सेवा मिशन के पीछे एक आंगन में पाठ्य सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत कक्षा 1 से 8 तक के 32 जरूरतमंद बच्चों को कॉपी, किताबें, पेन, पेंसिल और ज्योमेट्री बॉक्स वितरित किए गए। फाउंडेशन पदाधिकारियों ने बताया कि चंडी घाट क्षेत्र गंगा किनारे बसा ऐसा इलाका है, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी और दैनिक मजदूरी करने वाले परिवार निवास करते हैं। आर्थिक तंगी और शैक्षणिक संसाधनों की कमी के कारण कई बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। स्थानीय सर्वे के बाद जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर यह पहल शुरू की गई। कार्यक्रम में शिक्षा से जुड़ी रेखा ने भी सहयोग किया। वह अपने घर के आंगन में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही हैं।

इस दौरान अभिभावकों ने फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि मजदूरी से परिवार चलाना ही कठिन होता है, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना चुनौती बन जाता है। फाउंडेशन अध्यक्ष रेनू अरोड़ा ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और संस्था का उद्देश्य संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित न होने देना है। उन्होंने कहा कि संस्था का लक्ष्य भविष्य में अधिक से अधिक बच्चों तक शैक्षणिक सहायता पहुंचाना है। कोषाध्यक्ष विनीता सिकोरिया ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया छोटा प्रयास भी बड़े बदलाव का कारण बन सकता है। सदस्य रुचि तनेजा ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि बच्चों के चेहरे की मुस्कान ही समाज सेवा का सबसे बड़ा पुरस्कार है। सदस्य सोनिया भाटिया ने कहा कि हर बच्चे में प्रतिभा होती है, जरूरत केवल उसे सही अवसर देने की है।

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