उत्तराखंड

पुण्य तिथी पर संत समाज ने दी ब्रह्मलीन स्वामी परमानन्द को श्रद्धांजलि

गुरू की सेवा परंपरा का विस्तार करना ही जीवन का उद्देश्य: महंत विनोद महाराज

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दीपक कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। ब्रह्मलीन स्वामी परमानन्द महाराज की 15वीं पुण्य तिथी पर संत समाज ने उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया। जगजीतपुर स्थित ब्रह्म प्रेम कुटीर आश्रम में आश्रम के परमाध्यक्ष महंत विनोद महाराज के संयोजन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए महंत देवानंद ने कहा कि त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति ब्रह्मलीन स्वामी परमानन्द महाराज का पूरा जीवन मानव कल्याण को समर्पित रहा। सनातन के प्रचार प्रसार और समाज को धर्म एवं अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर करने में उनका योगदान स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि महंत विनोद महाराज जिस प्रकार अपनी गुरू परंपरा का आगे बढ़ा रहे हैं। वह सभी के लिए प्रेरणादायी है। महंत विनोद महाराज ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत परंपरांओं का पालन करते हुए निर्मल जल के समान जीवन व्यतीत करने वाले पूज्य गुरूदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानन्द महाराज विलक्षण संत थे।

संतों का सानिध्य भाग्य से प्राप्त होता है। वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें पूज्य गुरूदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानन्द महाराज जैसे विद्वान संत का सानिध्य में शिक्षा दीक्षा का अवसर प्राप्त हुआ। गुरूदेव से प्राप्त ज्ञान का अनुसरण करते हुए उनकी सेवा परंपरा का विस्तार करना ही उनके जीवन का उद्देश्य है। स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि सनातन केे प्रचार प्रसार में ब्रह्मलीन स्वामी परमानन्द महाराज का अहम योगदान रहा। उनके विचार सदैव समाज को प्रेरणा देते रहेंगे। कार्यक्रम में महंत रूपेंद्र प्रकाश, महंत श्याम प्रकाश, महंत दुर्गादास, महंत सूरजदास, महंत कैलाश मुनि, महंत निर्भय सिंह, महंत राघवेंद्र दास, महंत गोविंद दास, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी दिनेश दास, स्वामी संतोषानंद, स्वामी नागेंद्र महाराज, महंत रघुवीर दास महंत बिहारी शरण ने भी ब्रह्मलीन स्वामी परमानन्द महाराज को नमन किया। महंत देवानंद व महंत श्याम प्रकाश ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त किया।

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