उत्तराखंड

हरेला पर हरिद्वार में हरित महाअभियान, 16 जुलाई को लगाए जाएंगे 30 हजार पौधे: डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध

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दीपक कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला को इस वर्ष हरिद्वार जनपद में पर्यावरण संरक्षण के महाअभियान के रूप में मनाया जाएगा। 16 जुलाई को पूरे जनपद में 30 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन का दावा है कि सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी से यह लक्ष्य पार किया जाएगा और कुंभ क्षेत्र सहित पूरे जनपद को हरियाली से आच्छादित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने सभी विभागों से अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने का आह्वान किया है। डीएफओ ने बताया कि पौधारोपण के लिए शासकीय कार्यालय परिसर, पार्क, सार्वजनिक स्थल, सड़क किनारे, नदी-नालों के तट, सामुदायिक भूमि और खाली सरकारी भूमि को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक स्थल का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें पौधों की संख्या, जिम्मेदार अधिकारी और जियो-टैगिंग का पूरा विवरण दर्ज होगा। उन्होंने जानकारी दी कि 10 जुलाई तक गड्ढों की खुदाई, जैविक खाद, पौधों का आवंटन, सिंचाई, ट्री गार्ड और परिवहन की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी।

वहीं 11 से 15 जुलाई के बीच सभी स्थलों का सत्यापन और तैयारियों का अंतिम निरीक्षण किया जाएगा। मुख्य पौधारोपण कार्यक्रम 16 जुलाई को रोशनाबाद स्थित राजकीय परिसर से शुरू होगा। इसके बाद गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के सामने, नगर वन तथा समिति द्वारा अनुमोदित अन्य स्थानों पर भी बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, स्वयं सहायता समूहों, युवा मंगल दलों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा स्थानीय नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम और स्थानीय मीडिया का भी प्रभावी उपयोग किया जाएगा। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने कहा कि हरेला हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो हरिद्वार ही नहीं बल्कि पूरा उत्तराखंड हरित प्रदेश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। हमारा प्रयास है कि यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम न रहकर जनआंदोलन का रूप ले।

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