
कलयुग दर्शन (24×7)
मो. नदीम (संपादक)
हरिद्वार। हरिद्वार जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह के नेतृत्व में जिलापूर्ति विभाग, आईओसी और पुलिस ने रानीपुर क्षेत्र में देर रात छापेमारी कर अवैध और चोरी की गैस रिफिलिंग के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह काम एक बंद पड़ी फैक्ट्री में किया जा रहा था। छापेमारी करने वाली टीम की आंखे तब खुली रह गई जब उन्होंने मौके पर बिल्कुल किसी नियमित प्लांट की तरह बंद पड़ी फैक्ट्री में अवैध गैस रिफिलिंग का गोरखधंधा होते देखा। इससे यह भी अनुमान है कि यहां यह काम लंबे समय से चल रहा था, लेकिन किसी को इसकी खबर नहीं हुई। दरअसल इस बंद पड़ी फैक्ट्री से कुछ ही दूर आईओसी का गैस प्लांट है, जहां विभिन्न स्थानों से गैस कैप्सूल पहुंचते हैं। बाद में यही गैस सिलेंडरों में भरकर उपभोक्ताओं तक पहुंचती है। लेकिन इन कैप्सूल को लाने वाले वाहन पहले इस बंद फैक्ट्री के अवैध रिफिलिंग प्लांट पर रोक दिए जाते थे। फिर कैप्सूल से गैस सिलेंडरों में भर ली जाती थी और सिलेंडरों को कालाबाजारी में बेच दिया जाता था। माना जा रहा है कि यह रैकेट लंबे समय से इस काम को कर रहा था।
अवैध रिफिलिंग के साथ ही यहां कैप्सूलों से गैस चोरी का धंधा भी बड़े पैमाने पर चल रहा था। इस धंधे के पीछे बड़े लोगों के संरक्षण की बात भी निकलकर आ रही है। पुलिस पूरे मामले के खुलासे में जुट गई है। पुलिस और पूर्ति विभाग की टीम ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि चार लोग छापा पड़ते ही भाग खड़े हुए। पुलिस उनकी भी तलाश में जुटी है। मौके से टीम को दो गैस कैप्सूल जिनमें 34 टन गैस थी मिले हैं। साथ ही 61 खाली भरे गैस सिलेंडर 3 नोजल 9 बांसुरी 2 पाइप कटर और अन्य रिफिलिंग में काम आने वाले उपकरण भी मिले हैं। पूर्ति विभाग की ओर से दिल्ली की गैस आपूर्ति करने वाली दो एजेंसियों के साथ ही 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मौके से जिन तीन लोगों को पकड़ा गया उनमें ललित मुज्जफर नगर का सूरजीत ऋषिकेश का और दीपक रीवा मध्य प्रदेश का रहने वाला है। अवैध रिफिलिंग की गुप्त सूचना पर देर रात छापेमारी की गई, जिसमें यह रैकेट पकड़ में आया। पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
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