उत्तर प्रदेशप्रशासन

आय से अधिक संपत्ति मामला, कैराना कोतवाल प्रेमवीर सिंह राणा पर 2.92 करोड़ की बेहिसाब सम्पत्ति का खुलासा

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज, सतर्कता आधिष्ठान मेरठ ने खोला बड़ा राज, मुकदमा दर्ज

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अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)

सहारनपुर। कैराना कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक प्रेमवीर सिंह राणा पर भ्रष्टाचार की गाज गिरी है। शासन के आदेश पर सतर्कता आधिष्ठान मेरठ सेक्टर ने खुली जांच में आय से अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि राणा ने अपनी आय से करीब 2 करोड़ 92 लाख रुपये अधिक की बेहिसाब संपत्तियां अर्जित कीं गईं है। दरअसल शासन ने 8 दिसंबर 2020 को राणा के खिलाफ खुली जांच के आदेश दिए थे। सतर्कता आधिष्ठान ने 21 फरवरी 2024 को शासन को जांच आख्या भेजी-इसमें पाया गया कि 2020 से 2022 तक कैराना में तैनाती के दौरान उनकी ज्ञात और वैध आय 1.65 करोड़ रुपये थी। जबकि उन्होंने संपत्तियों व भरण-पोषण पर 4.57 करोड़ रुपये खर्च किए इस प्रकार 2.92 करोड़ रुपये का अंतर संदिग्ध पाया गया।

सतर्कता आधिष्ठान ने इस संबंध में राणा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मगर उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया- प्रथम दृष्ट्या उन्हें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का दोषी पाया गया। इसके आधार पर सतर्कता आधिष्ठान के प्रभारी निरीक्षक कृष्णवीर सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 (1) बी व धारा 13 (2) के तहत मुकदमा दर्ज कराया-बता दें कि प्रेमवीर सिंह राणा अगस्त 2020 से जनवरी 2022 तक डेढ़ साल कैराना कोतवाली में तैनात रहे। पुलिस सेवा में रहते हुए उन्हें कई पुरस्कार मिले जिनमें राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार और गृह मंत्रालय का बेस्ट इन्वेस्टिगेशन अवार्ड शामिल है, लेकिन अब उन्हीं पर भ्रष्टाचार का कलंक लग गया है।

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