बरसो पुरानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए अधिवक्ताओं ने जनपद मुख्यालय से लेक्ट तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया
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अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग, ओर अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के बावजूद जिला मुख्यालय से लेकर तहसील मुख्यालयों में बन्द के समर्थन में बुधवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। इसी को लेकर दीवानी कचहरी के मुख्य द्वार पर अधिवक्ताओ ने एकत्रित होकर हाई कोर्ट बेंच स्थापना की मांग की। सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन द्वारा बन्द को लेकर आम व्यक्ति के हितों के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की आवश्यकता पर बल देते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के लोगों को न्याय की लंबी प्रक्रिया की पीड़ा और आर्थिक रूप से होने वाले खर्च को लेकर कहा कि वादकारी को अपने लिए न्याय हेतु लंबा सफर तय करना पड़ता है। बल्कि अधिक खर्च व समय लगता है। अधिवक्ता एसोसिएशन ने अन्य राज्यो में स्थापित हाई कोर्ट की बेंचो का भी उदाहरण दिया, ओर कहा कि महाराष्ट्र में चार हाईकोर्ट की बेंच हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश में तीन हाईकोर्ट बेंच हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में दो ही बेंच है।
अद्धिवक्ता एसोसिएशन के पदाधिकारियो द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग को 50 वर्षो से अधिक पुरानी बताते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश बेंच की मांग की, इस अवसर पर अमरीश पुंडीर(लाला), मुनव्वर आफताब, स्वराज सिंह, निशांत त्यागी, संदीप पुंडीर, शाह आलम, राजीव तोमर, रजत कुमार, गौरव शर्मा, विपिन खटाना, नरेंद्र कुमार, अंकित सैनी, वासिल रहमान आदि अधिवक्ताओं ने अपनी ऊपस्तिथि दर्ज कराते हुए जमकर नारेबाजी की। वही बाजारों पर बन्द का कोई खासा असर नज़र नही आया, हालांकि बताया गया कि हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग पर बंद का आह्वान करते हुए अधिवक्ता एसोसिएशन द्वारा कुछ व्यापारिक संगठनों को अवश्य आमंत्रित किया गया था, लेकिन बाजार सामान्य दिनों की ही तरह खुले। कुछ अधिवक्ताओं का कहना है कि बन्द के लिए सभी व्यापारिक संगठनों के साथ ओद्योगिक संगठनों को विश्वास में नही लिया गया और न ही कोई पूर्व सूचना दी गयी।



