उत्तराखंड

एक शाम संविधान के नाम विचार व काव्य गोष्ठी का आयोजन किया

संस्कारों का अगली पीढ़ी को सम्प्रेषण हमारा उत्तरदायित्व: डा.ललित नारायण मिश्रा

कलयुग दर्शन (24×7)

दीपक झा (संवाददाता)

हरिद्वार। संस्कार भारती हरिद्वार महानगर इकाई द्वारा सेक्टर-2 स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सभागार में एक शाम भारतीय संविधान के नाम विचार व काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण व पुष्पांजलि तथा वाणी वंदना तथा डा.श्वेता शरण के संगीतमय संस्कार भारती ध्येय गीत से हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने कहा कि बात चाहें संस्कारों की हो अथवा संविधान के कर्तव्यों के अनुपालन की, यह हमारा अपना उत्तरदायित्व है, कि हम अपने संस्कारों व कर्तव्यों के अनुपालन की प्राचीन परम्पराओं को अगली पीढ़ी तक सावधानीपूर्वक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में निश्चित रूप से हमने अपने संस्कारों को अगली पीढ़ी तक आगे बढाने का कार्य बख़ूबी किया भी है।

कार्यक्रम में अनेक वक्ताओं और कवियों ने भारतीय संविधान के 77 वर्ष की पूर्णता के अवसर पर इसके विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। संस्था की और से मुख्य अतिथि व सभी विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जबकि सभी कवियों को संस्कार भारती काव्य श्री सम्मान तथा वक्ताओं को संस्कार भारती साहित्य श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य लोकेन्द्र अन्थवाल, कवियित्री सुमन पंत व कंचन प्रभा गौतम, डा.तन्वी अग्रवाल, डा0नुपुर गुप्ता, वीरेंद्र अवस्थी, रीता अवस्थी, कमल सिंह सैनी, सुनील सैनी, रविन्द्र सोनी, नरेंद्र पुंडीर, डा.नरेश मोहन, दीपक अग्रवाल, राकेश कुशवाहा, पुष्प लता हंस, पुष्पा अग्रवाल, बीना गुप्ता, वीणा कौल, रंजना शर्मा, निर्मला त्रिपाठी, श्रीजा त्रिपाठी, निशा कश्यप, रीना शर्मा, सरस्वती पुंडीर, प्रीति सिंह, जनक सहगल, लोकेंद्र चौधरी, मुनेश चंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं संस्था के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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