9 फरवरी को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भ्रष्टाचार अधिकार अधिनियम कोर्ट में होगी तलब: डॉ अशोक मलिक

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अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर। नागल रोड के ग्राम मीरपुर के चौधरी सुभाष मेमोरियल पब्लिक इंटर कॉलेज में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ की बैठक मास्टर गौतम सिंह की अध्यक्षता और लिटिल शर्मा के संचालन में संपन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक मलिक ने कहा की शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है अभी हाल में मेरठ से स्थानांतरण होकर आई भ्रष्टाचार अधिकार अधिनियम कोर्ट में सर्वप्रथम शिक्षक नेता डॉक्टर अशोक मलिक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहारनपुर सहित पांच अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिकार अधिनियम के अंतर्गत के जनपद सहारनपुर के कोर्ट नंबर 15 में वह दायर किया गया है जिसमें अदालत ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहारनपुर को तलब कर लिया है इससे पहले 2 फरवरी को खंड शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार खंड शिक्षा अधिकारी अमरीक प्रसाद ओझा लेखा अधिकारी वित एवं समग्र संजय द्विवेदी वरिष्ठ लिपिक सुरेंद्र सिंह और आरटीई के निर्वातमांन पटल प्रभारी कृपाल मलिक अपने-अपने वकीलों के माध्यम से 2 फरवरी 2026 को हाजिर हो चुके हैं।

आगे श्री मलिक ने कहा कि महा निदेशक बेसिक शिक्षा लखनऊ को ज्ञापन के माध्यम से निजी स्कूलों की समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा था कि गरीब दुर्बल वर्ग के बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति मात्र 11 महीने की दी जाती है जबकि सभी अधिकारियों कर्मचारियों को 12 महीने का वेतन दिया जाता है इस प्रकार हमने महानिदेशक मोनिका रानी को बोला था कि जब आप 12 महीने की वेतन लेते हो तो हमें 12 महीने की फीस प्रतिपूर्ति क्यों दी जाती है आप भी 11 माह का वेतन लिया करो तो महानिदेशक ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए इस वित्तीय सत्र से 12 माह का फीस प्रतिपूर्ति के आदेश जारी कर दिए हैं जिसे हम महानिदेशक का धन्यवाद सहित शुक्रिया अदा करते हैं लेकिन अन्य मांगों में हमारे आसपास के प्रदेशों में फीस प्रतिपूर्ति का अंशदान 1200 से 2400 तक प्रति महा मानदेय दिया जाता है इसलिए उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला प्रदेश है उत्तर प्रदेश को भी अन्य पड़ोसी प्रदेशों के समक्ष फीस प्रतिपूर्ति दी जानी चाहिए। श्री मलिक ने आगे कहा कि जब स्कूलों में प्री प्राइमरी नर्सरी एलकेजी की कक्षाएं संचालित की जाती है और आरटीई के बच्चों को प्रवेश लेने का प्रावधान है तो प्री प्राइमरी से ही आरटीई के बच्चों को फीस प्रतिपूर्ति प्रत्येक वर्ष दी जानी चाहिए। अध्यक्षता कर रहे श्री गौतम सिंह व नारायण सिंह जी ने कहा की सरकार को चाहिए निजी स्कूलों के मानयता पूरव की तरह 9/4 की मान्यता को बहाल करें और मान्यताएं पूर्व की तरह मानको का सरलीकरण कर मान्यता देनी चाहिए जिससे कि ग्रामीण व अन्य पिछले क्षेत्र में सभी बच्चों को समुचित शिक्षा मिल सके परिषद के सरकारी स्कूलों के भरोसे शिक्षित देश विकासशील देश का सपना साकार नहीं हो सकता है। इस अवसर पर अमरदीप प्रधान विजय कुमार मास्टर मदन सिंह प्रधान मास्टर वेद प्रकाश मास्टर दमन सिंह राकेश कुमार परमेंद्र कुमार श्याम कुमार अश्वनी कुमार आशीष कुमार सत्यपाल सिंह सुनील कुमार मोंटी कुमार मोहन सिंह नारायण सिंह लिटिल शर्मा और नरेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
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