रंग, गुलाल और उल्लास में सराबोर मिथिला की सखियों ने जमकर मचाया धमाल
पारंपरिक मैथिली वेशभूषा, लोकगीतों और नृत्य के संग सखियों ने रच दिया होली मिलन का अविस्मरणीय उत्सव

कलयुग दर्शन (24×7)
सागर कुमार (सह संपादक)
हरिद्वार। रंगों के पर्व होली पर मिथिला की सांस्कृतिक सुगंध और परंपराओं की जीवंत छटा उस समय देखने को मिली जब सखि बहिनपा मैथिलानी समूह इकाई हरिद्वार द्वारा भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। स्थानीय होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक मैथिली वेशभूषा से सजी-धजी सखियों ने लोक संस्कृति, गीत और नृत्य के माध्यम से होली का उल्लास पूरे वातावरण में घोल दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत सभी सखियों ने एक स्वर में समूह की संस्थापक आरती झा को शुभकामनाएं देते हुए होली की मंगल बधाई दी। गुलाल की रंगत और सखियों की मुस्कान ने वातावरण को आनंद और अपनत्व से भर दिया। सखियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। इसके पश्चात शुरू हुआ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का ऐसा दौर, जिसने उपस्थित सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। पारंपरिक मैथिली होली गीतों, लोकधुनों और नृत्य की लय पर सखियां जमकर थिरकीं।

फूलों की होली ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया, जहां रंग-बिरंगे पुष्पों के बीच सखियों का उल्लास देखते ही बनता था। इस अवसर पर रश्मि सखि ने कहा कि अपनी परंपरा, भाषा और संस्कृति का संरक्षण करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। मोनी सखि ने भावुक स्वर में कहा कि होली मिलन में सखियों से मिलन की खुशी शब्दों से परे है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को लेकर सभी सखियां अत्यंत उत्साहित थीं और पूरे मनोयोग से कार्यक्रम में शामिल हुईं।

राखी सखि ने कहा कि सखियों के आपसी सहयोग, प्रेम और समर्पण से ही यह आयोजन इतना सफल और यादगार बन सका। मीनाक्षी सखि कहा कि होली मिलन ने सभी सखियों के मन में नया उत्साह और ऊर्जा भर दी। इस अवसर पर राखी सखि, मुन्नी सखि, मधु सखि, कशिका (मधु), मोनी सखि, रीना सखि, गुड़िया सखि, ममता सखि, सोनी सखि, खुशबू सखि, कल्पना सखि, नीतू सखि, मीनाक्षी सखि, रश्मि सखि सहित अनेक सखियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आयोजन को स्मरणीय बनाया।
[banner id="7349"]



