सिद्ध महापुरूष थे तारा बाबा महाराज: स्वामी हरिचेतनानंद
परमात्मा का ही स्वरूप हैं गुरू: मदन कौशिक

कलयुग दर्शन (24×7)
दीपक झा (संवाददाता)
हरिद्वार। सिरसा हरियाणा के पूर्व विधायक गोपाल काण्डा के संयोजन में सिरसा से हरिद्वार पहुंची बाबा तारा महाराज की यात्रा का श्रवणनाथ नगर स्थित तारकेश्वर धाम में गौ गंगा धाम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी निर्मल दास के नेतृत्व में संतों और विधायक मदन कौशिक ने स्वागत किया। इस दौरान पूर्व विधायक गोपाल काण्डा ने तारा बाबा घाट पर गंगा पूजन और आरती कर संतों से आशीर्वाद लिया। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि मानव कल्याण के लिए जीवन समर्पित करने वाले तारा बाबा महाराज सिद्ध महापुरूष थे। सभी को सदैव अपने गुरूजनों का आदर सम्मान करने के साथ उनकी शिक्षाओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राओं और अनुष्ठान से समाज में शांति और प्रगति का वातावरण बनता है। 15 फरवरी को भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित महाशिवरात्रि का पर्व है। महाशिवरात्रि पर सभी पूर्ण श्रद्धाभाव से भगवान शिव का जलाभिषेक करें। जलाभिषेक करने के दौरान माता पार्वती का भी स्मरण अवश्य करें। ऐसा करने से शिव और शक्ति की सम्मिलित कृपा प्राप्त होती है। जिससे प्रगति और परिवार की सुख समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

पूर्व विधायक गोपाल कांडा ने कहा कि सभी संत महापुरूष उनके लिए गुरू समान और पूज्यनीय हैं और संतों के सानिध्य में ही कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरूदेव तारा बाबा महाराज ने सदैव समाज का मार्गदर्शन किया और कल्याण की राह दिखाई। समाज में उनकी शिक्षाओं का प्रचार प्रसार करना ही उनका उद्देश्य है। नगर विधायक मदन कौशिक ने कहा कि गुरू परमात्मा का ही स्वरूप हैं। त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति तारा बाबा महाराज की शिक्षाएं समाज के लिए धरोहर के समान हैं। सभी को उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करना चाहिए। स्वामी निर्मल दास महाराज ने सभी संत महापुरूषांे और अतिथीयों का फूलमाला पहनाकर स्वागत करते हुए कहा कि सिद्ध साधक तारा बाबा महाराज सभी के लिए पूज्यनीय हैं। जिनके स्मरण करने मात्र से ही कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। तारा बाबा महाराज के परम भक्त पूर्व विधायक गोपाल काण्डा की तारा बाबा महाराज के प्रति निष्ठा और भक्ति सभी के लिए प्रेरणादायी है। इस अवसर पर स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत हनुमान दास, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी श्रवण मुनि, गोपाल मुनि, स्वामी राम गिरी, पूर्व राज्यमंत्री सुशील चौहान, पार्षद दीपक शर्मा, राजकुमार एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु व संतजन मौजूद रहे।
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