उत्तराखंड

धर्मस्थलों पर मर्यादित वेशभूषा पहने और धर्मानुकुल आचरण करें श्रद्धालु: श्रीमहंत रविंद्रपुरी

कलयुग दर्शन (24×7)

अमित वालिया (संवाददाता)

हरिद्वार। कनखल स्थित दक्ष प्रजापति महादेव मंदिर के प्रबंधक और पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत स्वामी रविन्द्र पुरी ने श्रद्धालुओं से मर्यादित वेशभूषा पहनकर मंदिरों और धर्मस्थानों में आने और धर्मानुकल आचरण करने की अपील की है। अपील की करते हुए श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि देवस्थानों में मनोरंजन के बजाय आत्मरंजन के लिए जाना चाहिए। वेशभूषा, आचरण, व्यवहार और भावना पवित्र होनी चाहिए। तभी मंदिरों में पूजा अर्चना ओर देवदर्शन का फल प्राप्त होगा। उन्होंने मंदिर संचालकों, सरकार के मंदिर बोर्ड और संतो से भी अपील की है कि इसका विशेष ध्यान रखें। यदि लोकाचार और व्यवहार में मर्यादा नहीं रहेगी तो धर्म भी नही रहेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए दक्ष प्रजापति महादेव मंदिर में कई बोर्ड लगाए गए हैं।

श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले अपने बालकों को धर्म के प्रति संस्कारित करें। किसी भी मंदिर में मनोरंजन के लिए ना जाएं। देश में किसी भी देवस्थान में मर्यादित वेशभूषा पहनकर ही जाएं और मर्यादित आचरण के साथ नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि धर्म का मतलब है धारण करना। धर्म सबको धारण करता है और धारण करने के लिए मर्यादा में रहना आवश्यक है। सूर्य का धर्म है सर्वत्र प्रकाश की व्यवस्था करना। सूर्य सबके लिए समान रूप से प्रकाश की व्यवस्था करता है। इसलिए ऐसा कोई भी कर्म ना करें, जिससे देवस्थानों के संचालन की व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हो। धर्मस्थानों पर नशीले पदार्थो का सेवन ना करें। शासन और प्रशासन को भी इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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