24 फरवरी 2026 को बकाया भुगतान प्री प्राइमरी क्लासों को लेकर निदेशक बेसिक शिक्षा लखनऊ कार्यालय का होगा घेराव: अशोक मलिक

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अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर। 12 फरवरी 2026 को नवादा रोड के दून नेशनल पब्लिक स्कूल में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ की बैठक जिला अध्यक्ष योगेश शर्मा की अध्यक्षता प्रदेश सचिव अमजद अली एडवोकेट के संचालन में संपन्न हुई। दून नेशनल पब्लिक स्कूल पहुंचने पर शिक्षक नेता डॉक्टर अशोक मलिक का पहुंचने पर सभी पदाधिकारीये और स्कूल संचालकों ने जोरदार स्वागत किया। बैठक को संबोधित करते हुए शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक मलिक ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा से नहीं निजी स्कूलों का अनुदान व शिक्षकों को मानदेय दे जाने से ही बेसिक शिक्षा के नियम मजबूत होगी और जिस इमारत की नीव मजबूत होती है वह ही बहु मंजिला इमारत होती है इस प्रकार सुदर्ढ भारत के निर्माण के लिए बेसिक शिक्षा की नींव मजबूत करनी होगी 658 करोड़ के बजट से उत्तर प्रदेश जो दूसरे एक दर्जन से अधिक देशों से बड़ा है राज्य है यह बजट पर्याप्त नहीं है निजी स्कूल जो शिक्षक के क्षेत्र में प्रचार में प्रतिशत बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रहे हैं एक खोटी कोड़ी पैसा भी उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट में नहीं रखा है यह उत्तर प्रदेश का दुर्भाग्य है। श्री मलिक ने कहा कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है अभी हाल में मेरठ से स्थानांतरण होकर आई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट में सर्वप्रथम शिक्षक नेता डॉक्टर अशोक मलिक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहारनपुर सहित पांच अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जनपद सहारनपुर के कोर्ट नंबर 15 में वह दायर किया गया है जिसमें अदालत ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहारनपुर को तलब कर लिया है इससे पहले 2 फरवरी को खंड शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार खंड शिक्षा अधिकारी अमबिका प्रसाद ओझा लेखा अधिकारी वित एवं समग्र संजय द्विवेदी वरिष्ठ लिपिक सुरेंद्र सिंह और आरटीई के निर्वातमांन पटल प्रभारी कृपाल मलिक अपने-अपने वकीलों के माध्यम से 2 फरवरी 2026 को हाजिर हो चुके हैं।

आगे श्री मलिक ने कहा कि महा निदेशक बेसिक शिक्षा लखनऊ को ज्ञापन के माध्यम से निजी स्कूलों की समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा था कि गरीब दुर्बल वर्ग के बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति मात्र 11 महीने की दी जाती है जबकि सभी अधिकारियों कर्मचारियों को 12 महीने का वेतन दिया जाता है इस प्रकार हमने महानिदेशक मोनिका रानी को बोला था कि जब आप 12 महीने की वेतन लेते हो तो हमें 12 महीने की फीस प्रतिपूर्ति क्यों दी जाती है आप भी 11 माह का वेतन लिया करो तो महानिदेशक ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए इस वित्तीय सत्र से 12 माह का फीस प्रतिपूर्ति के आदेश जारी कर दिए हैं जिसे हम महानिदेशक का धन्यवाद सहित शुक्रिया अदा करते हैं 2016 से बकाया फीस प्रतिपूर्ति आधा अधूरा दी जा रही है उसका बकाया भुगतान अविलंब हो और प्राइमरी स्कूल की मान्यता पूर्व की भांति प्री प्राइमरी से कक्षा 5 तक यथावत मान्य होनी चाहिए अन्य मांगों में हमारे आसपास के प्रदेशों में फीस प्रतिपूर्ति का अंशदान 1200 से 2400 तक प्रति माह मानदेय दिया जाता है इसलिए उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला प्रदेश है उत्तर प्रदेश को भी अन्य पड़ोसी प्रदेशों के समकक्ष ₹2500 प्रति माह फीस प्रतिपूर्ति दी जानी चाहिए। श्री मलिक ने आगे कहा कि जब स्कूलों में प्री प्राइमरी नर्सरी एलकेजी की कक्षाएं संचालित की जाती है और आरटीई के बच्चों को प्रवेश लेने का प्रावधान है तो प्री प्राइमरी से ही आरटीई के बच्चों को फीस प्रतिपूर्ति प्रत्येक वर्ष दी जानी चाहिए।

अध्यक्षता कर रहे जिला अध्यक्ष श्री योगेश शर्मा व वीरेंद्र पवार जी ने कहा की सरकार को चाहिए निजी स्कूलों के मान्यता पूर्व की तरह कंडीशनल 9/4 की मान्यता को बहाल करें और मान्यताएं पूर्व की तरह मानको का सरलीकरण कर मान्यता देनी चाहिए जिससे कि ग्रामीण व अन्य पिछले क्षेत्र में सभी बच्चों को समुचित शिक्षा मिल सके परिषद के सरकारी स्कूलों के भरोसे शिक्षित देश विकासशील देश का सपना साकार नहीं हो सकता है। अरविंद शर्मा एवं केपी सिंह ने कहा कि सरकार की सभी प्रॉब्लोभन योजनाएं विफल हो गई है अब सरकार ने निजी स्कूलों का शोषण करके मनको को कठोर कर और आर टी ई के गरीब बच्चों का फीस प्रति पूर्ति का भुगतान नहीं करने का मतलब निजी स्कूलों का शोषण के कारण निजी स्कूल बंद होने के कगार पर है इस अवसर पर अमरदीप प्रधान धनंजय शर्मा अमजद अली एडवोकेट अजय सिंह रावत अरविंद शर्मा गुरु आलम मुजाहिद नदीम प्रवीण गुप्ता अशोक सैनी दिनेश रोपदी हंस कुमार जोरा सिंह जितेंद्र गोरिया एडवोकेट शिवकुमार मालियांविजय कुमार मास्टर मदन सिंह प्रधान मास्टर वेद प्रकाश मास्टर दमन सिंह राकेश कुमार परमेंद्र कुमार श्याम कुमार अश्वनी कुमार आशीष कुमार सत्यपाल सिंह सुनील कुमार मोंटी कुमार मोहन सिंह नारायण सिंह लिटिल शर्मा और नरेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
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