मेहनत की कमाई नशे में क्यों बहाए गांव? आमवाला में महिलाओं का फूटा गुस्सा, शराब ठेका हटाने को सड़क पर उतरी

कलयुग दर्शन (24×7)
अबलीश कुमार (संवाददाता)
सहारनपुर, बिहारीगढ़। बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुजफ्फरपुर (आमवाला) में स्थित देशी शराब के ठेके के खिलाफ एक बार फिर महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाओं ने गुरुवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए ठेके को आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही ओमवती ने कहा कि गांव का अधिकांश परिवार मेहनत-मजदूरी पर निर्भर है, लेकिन ठेका खुलने के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं। दिनभर की कमाई शाम होते ही शराब में उड़ाई जा रही है, जिससे घरों में कलह, गाली-गलौच और मारपीट जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, उन्होंने आरोप लगाया।

महिलाओं का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी जिलाधिकारी सहारनपुर को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर महिलाओं को दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। प्रदर्शन में शामिल ऊषा देवी ने चिंता जताते हुए कहा कि गांव के छोटे-छोटे बच्चे भी नशे की चपेट में आने लगे हैं, जो समाज के लिए गंभीर खतरा है। वहीं रेखा देवी ने साफ शब्दों में कहा कि गांव में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद होनी चाहिए, तभी आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रह सकेगी।

कुछ महिलाओं ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि विरोध के दौरान पुलिस द्वारा डराने-धमकाने और अभद्र व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है। प्रदर्शन में ऊषा देवी, संगीता, रेखा देवी, कुशल, ओमवती, बालेश, मुन्नी, सलोचना समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठेका नहीं हटाया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



