उत्तराखंड

सनातन धर्म का दिव्य व अलोकिक पर्व है नवरात्र: महंत देवानंद सरस्वती

कलयुग दर्शन (24×7)

दीपक कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर भक्त दुर्गादास के संयोजन में माता वैष्णो देवी लाल माता मंदिर में कन्या पूजन किया गया। भक्त दुर्गादास ने 101 कन्याओं को माता की चुनरी, उपहार भेंट किए और भोजन आदि कराकर उनसे आशीर्वाद लिया। इस दौरान कई संत महंत मौजूद रहे। महंत देवानंद सरस्वती ने कहा कि मां दुर्गा की आराधना को समर्पित नवरात्र सनातन धर्म का दिव्य व आलोकिक पर्व है। नवरात्र के नौ दिनों में की जानी वाली देवी दुर्गा की पूजा अर्चना से साधक को करोड़ों गुणा पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत दुर्गादास ने कन्या पूजन का महत्व बताते हुए कहा कि देवी स्वरूपा कन्याओं का पूजन करने से जीवन में खुशहाली आती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि कन्या पूजन से समाज में नारी शक्ति को सम्मान मिलता है। भक्त दुर्गादास ने कहा कि मां दुर्गा का ही स्वरूप कन्याओं के संरक्षण, संवर्द्धन, उनकी सुरक्षा और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का अवसर भी देने हांेगे। नवरात्र के अवसर पर सभी को इसका संकल्प भी अवश्य लेना चाहिए। पुजारी हेमंत थपलियाल ने कन्या पूजन संपन्न कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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