उत्तराखंड

सुभाष नगर वक्फ कब्रिस्तान बना मॉडल, दो साल में विकास और पारदर्शिता की नई मिसाल

कलयुग दर्शन (24×7)

अवधेश भूमिवाल (संवाददाता)

हरिद्वार। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड, देहरादून द्वारा वर्ष 2023 में बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सुभाष नगर, ज्वालापुर स्थित वक्फ कब्रिस्तान की प्रबंधन समिति का गठन किया गया। इस समिति का नेतृत्व अहसान अंसारी को सौंपा गया। उनकी अध्यक्षता में गठित इस समिति ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में कब्रिस्तान के विकास और जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अहसान अंसारी के अनुसार, समिति के गठन के बाद सबसे पहले कब्रिस्तान की मूलभूत आवश्यकताओं पर ध्यान दिया गया। परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त किया गया, जमीन का समतलीकरण कराया गया तथा आने-जाने के लिए उचित रास्तों का निर्माण किया गया। इसके साथ ही पेयजल जैसी आवश्यक सुविधा का भी विस्तार किया गया। पहले जहां अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था, वहीं अब कब्रिस्तान में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध है, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिली है। समिति ने अपने कार्यों को केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण को भी प्राथमिकता दी। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए लावारिस शवों के सम्मानपूर्वक दफन की व्यवस्था शुरू की गई। पुलिस के माध्यम से प्राप्त होने वाले लावारिस शवों को निशुल्क दफनाया जा रहा है। यह कार्य पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाता है, जिससे समाज में मानवता का संदेश जाता है और मृतकों के प्रति सम्मान बना रहता है। अब तक समिति द्वारा कुल 298 शवों को निशुल्क दफनाया जा चुका है, जिनमें 12 लावारिस शव भी शामिल हैं। यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि समिति अपने कर्तव्यों के प्रति कितनी सक्रिय और गंभीर रही है। प्रत्येक शव को धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाने का विशेष ध्यान रखा जाता है, जिससे किसी प्रकार की अनियमितता या असम्मान की स्थिति उत्पन्न न हो।

कब्रिस्तान को एक मॉडल कब्रिस्तान के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से भी समिति ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कब्रिस्तान परिसर के भीतर और मुख्य द्वार के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगा है। यह पहल कब्रिस्तान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुई है। इसके अलावा, पारदर्शिता और सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए दफन किए गए सभी शवों का रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है। इसके लिए एक पंजीकरण पुस्तिका तैयार की गई है, जिसमें प्रत्येक शव का विवरण विधिवत दर्ज किया जाता है। इस व्यवस्था से आम लोगों को भी सुविधा मिलती है, क्योंकि जरूरत पड़ने पर संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। यह कदम प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देता है। समिति के कार्यकाल के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कब्रिस्तान में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। समिति के सदस्य समय-समय पर निरीक्षण करते हैं और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाते हैं। स्थानीय लोगों के सुझावों को भी गंभीरता से लिया जाता है, जिससे व्यवस्थाओं में लगातार सुधार संभव हो सके। अहसान अंसारी के अनुसार, समिति का उद्देश्य केवल वर्तमान में सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए स्थायी और बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करना भी है। इसी दिशा में कब्रिस्तान के विस्तार, हरियाली बढ़ाने और अन्य आवश्यक सुविधाओं को और बेहतर बनाने की योजनाओं पर काम किया जा रहा है। समिति के इन प्रयासों की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि इस तरह का पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रबंधन न केवल कब्रिस्तान की स्थिति को सुधारता है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देता है। इस प्रकार सुभाष नगर, ज्वालापुर स्थित वक्फ कब्रिस्तान की प्रबंधन समिति ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में समर्पण, जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए एक मिसाल कायम की है।

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