प्राचीन ऋषि मुनियों की परंपरा पर चलकर ही सनातन को आगे बढ़ाया जा सकता है: स्वामी हरिचेतनानंद
भारत के गौरव को बढ़ाने का काम करेगा संत समाज: स्वामी श्याम सुंदर

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दीपक झा (संवाददाता)
हरिद्वार। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि सबके कल्याण की कामना करने वाली सनातन धर्म संस्कृति विश्व की सबसे महान संस्कृति है। श्यामपुर कांगड़ी स्थित श्री श्याम वैकुण्ठ धाम के परमाध्यक्ष स्वामी श्याम सुंदर महाराज से धर्म चर्चा करते हुए स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि पूर्व में राजनेता संतों के पास आशीर्वाद लेने जाते थे। लेकिन वर्तमान में इसका उलटा हो रहा है। अब संत राजनेताओं के पास जा रहे हैं। संतों को एकजुट होकर इस नयी परिपाटी को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि संत समाज को अपनी गरिमा को कायम रखते हुए ऋषि परंपराओं की पुर्नस्थापना करनी होगी। जिसमें बड़े-बड़े राजा महाराज संतों की कुटिया पर नमन करने जाते थे। प्राचीन ऋषि मुनियों की परंपरा पर चलकर ही सनातन को आगे बढ़ाया जा सकता है।

श्याम सुंदर महाराज ने कहा कि अपनी परंपरांओं और संस्कृति से जुड़कर ही देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण कर रहे युवा वर्ग का मार्गदर्शन करने के लिए संत समाज के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा ही विश्व का मार्गदर्शन किया है। संत समाज भारत के इस गौरव को आगे बढ़ाने का काम करेगा। महामंडलेश्वर स्वामी राजेश्वर दास महाराज ने कहा कि स्वामी श्याम सुंदर महाराज सनातन धर्म संस्कृति और पंरपरांओं को आगे बढ़ा रहे है। गौमता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का स्वामी श्याम सुंदर महाराज का संकल्प बालाजी महाराज के आशीर्वाद से अवश्य पूरा होगा।



