उत्तराखंड

केदारनाथ चढ़ावा प्रकरण, अर्द्धकुंभ व सतीकुंड निर्माण पर कांग्रेस ने मांगा श्वेत पत्र

राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा बोले हाईकोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में हो जांच, श्वेत पत्र नहीं आया तो होगा आंदोलन

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सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने केदारनाथ धाम में कथित चढ़ावा गड़बड़ी, आगामी अर्द्धकुंभ के निर्माण कार्यों तथा सतीकुंड सौंदर्यीकरण परियोजना को लेकर राज्य सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। आर्य नगर चौक स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में आलोक शर्मा ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को पिछले 10 वर्षों में उत्तराखंड के चारों धामों में प्राप्त दान और चढ़ावे का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करते हुए श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में कथित चढ़ावा गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच हाईकोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में कराई जानी चाहिए। अर्द्धकुंभ की तैयारियों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जनता का धन जनता के हित में पारदर्शी तरीके से खर्च होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सभी निर्माण कार्य नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराए जाएं तथा टेंडर प्रक्रिया केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की गाइडलाइन के अनुरूप हो।

साथ ही निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए प्रशासन, सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाए। सतीकुंड के सौंदर्यीकरण एवं निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए आलोक शर्मा ने कहा कि इस परियोजना को लेकर भाजपा के भीतर से भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सरकार को इस मामले में भी श्वेत पत्र जारी कर पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि बाहरी कंपनियों के बजाय स्थानीय कंपनियों और ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जाए। आलोक शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन मुद्दों पर श्वेत पत्र जारी नहीं करती है तो कांग्रेस धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी, कांग्रेस ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष विकास चंद्रा, मोहन राणा और राजेश मिश्रा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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