उत्तर प्रदेश

कलेक्ट्रेट मस्जिद विवादः सांसद इमरान मसूद का पलटवार, कहा-1911 से हैं दस्तावेज, कानूनी रूप से लड़ेंगे लड़ाई

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अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)

सहारनपुर। जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को नगर मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा अवैध घोषित किए जाने के बाद सहारनपुर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस मामले में अब कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अपने आवास पर एक प्रेस वार्ता कर सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को एक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताते हुए कहा कि शहर के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान सांसद इमरान मसूद ने मस्जिद के वैधानिक दावों को मजबूती से सामने रखा। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक साक्ष्यः वर्ष 1911 से लेकर अब तक इस मस्जिद से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख, बिजली-पानी के बिल और नगर निगम के रिकॉर्ड मौजूद हैं। इतने लंबे इतिहास में आज तक कभी भी इस मस्जिद की वैधता पर कोई सवाल नहीं उठाया गया। अब महज एक व्यक्ति की निराधार शिकायत के आधार पर पूरे मामले को तूल दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सुरक्षा के तर्कों को बेबुनियाद बताते हुए उन्होंने कहा कि आज तक इस मस्जिद के कारण कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है। लोग वहां केवल इबादत के लिए आते हैं। दशकों से कलेक्ट्रेट और मस्जिद एक साथ शांतिपूर्ण ढंग से अस्तित्व में हैं और इससे कभी कानून-व्यवस्था की कोई समस्या खड़ी नहीं हुई।

सांसद ने स्पष्ट किया कि मस्जिद कमेटी इस आदेश के खिलाफ जिला न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) तक पूरी मजबूती के साथ कानूनी लड़ाई लड़ेगी और कांग्रेस इस न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे मंदिर हो या मस्जिद, हर मामले में न्याय और आम जनता के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्होंने तीखा सवाल किया कि क्या अब देश में किसी को मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए भी प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ेगी? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर मंदिर-मस्जिद की राजनीति कर उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहती है, लेकिन सहारनपुर के भाईचारे को टूटने नहीं दिया जाएगा। विवाद के बीच सांसद इमरान मसूद ने आगामी कांवड़ यात्रा का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में हमेशा की तरह हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय मिलकर कांवड़ियों की सेवा करेंगे। उन्होंने मुस्लिम समाज से विशेष अपील की कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और किसी भी उकसावे में न आकर शहर की पारंपरिक गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द को हर हाल में बनाए रखें।

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