5 दिन में गैंगरेप का खुलासा, नाबालिग से दुष्कर्म के 6 आरोपी गिरफ्तार

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सरविन्द्र कुमार (संवाददाता)
हरिद्वार। पथरी थाना पुलिस ने सुल्तानपुर क्षेत्र में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले का महज पांच दिनों में खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को फुलगढ़ के जंगल क्षेत्र से दबोचा। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, 12 जुलाई की रात नाबालिग अपने एक परिचित युवक के साथ फुलगढ़ के जंगल के पास मौजूद थी। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और दोनों को रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने पहले परिचित युवक के साथ मारपीट कर उसे अलग कर दिया और इसके बाद नाबालिग को जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के अगले दिन 13 जुलाई को पीड़िता के पिता की तहरीर पर थाना पथरी में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस, सीआईयू और एफएसएल की संयुक्त टीमों का गठन किया गया। जांच टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचना तंत्र और लगातार की गई छापेमारी के आधार पर 17 जुलाई को फुलगढ़ के जंगल से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में महेश उर्फ मंत्री उम्र 29 वर्ष, मोहित कुमार उम्र 25 वर्ष, सुमित उम्र 25 वर्ष , आशु उम्र 22 वर्ष, शुभम उम्र 22 वर्ष और आकाश उम्र 23 वर्ष शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम फुलगढ़, थाना पथरी, जनपद हरिद्वार के निवासी बताए गए हैं। एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने बताया कि घटना सामने आते ही पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन कर वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की गई। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और लगातार छापेमारी के जरिए सभी छह आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस विवेचना को शीघ्र पूरा कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल करेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने कहा कि नाबालिग से दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों में किसी भी आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में पुलिस पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि विवेचना जल्द पूरी कर न्यायालय में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी, ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।



