उत्तराखंड

कार सेवा का अखाड़ा परिषद अध्यक्ष का निर्णय स्वागत योग्य: स्वामी भास्करानंद

स्वामी सच्चिदानंद को नजरबंद किए जाने पर भी आपत्ति जताई

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दीपक झा (संवाददाता)

हरिद्वार। भूपतवाला स्थित अखण्ड दयाधाम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद महाराज ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज की श्रीकृष्ण जन्म भूमि को मुक्त कराने के लिए कार सेवा शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया और स्वामी सच्चिदानंद को नजरबंद किए जाने पर आपत्ति जतायी है।

महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्म भूमि की मुक्ति हिंदुओं की आस्था से जुड़ा मुद्दा है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज के श्रावण माह के बाद श्रीकृष्ण जन्म भूमि की मुक्ति के लिए कार सेवा शुरू करने के निर्णय का पूरा संत समाज स्वागत कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार संतों के सहयोग से अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ है। उसी प्रकार संतों के सहयोग से मथुरा में भी भगवान श्रीकृष्ण का भव्य और दिव्य मंदिर बनेगा। पूरे देश के संत महापुरूष एकजुट होकर मथुरा में श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर का हिंदू समाज का स्वप्न साकार करेंगे।

महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति के लिए अभियान चला रहे श्री चित्रगुप्त पीठ वृन्दावन के परमाध्यक्ष स्वामी सच्चिदानंद महाराज को पुलिस प्रशासन द्वारा उनके आश्रम में नजरबंद किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि स्वामी सच्चिदानंद संविधान और नियमों के दायरे में रहकर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं से जुडा मुद्दा उठा रहे हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन का स्वामी सच्चिदानंद महाराज को नजरबंद करना किसी भी दृष्टि न्यायसंगत नहीं है। उनके आश्रम से बाहर जाने पर लगायी गयी पांबंदी तुरंत नहीं हटायी गयी तो संत समाज पूरे देश में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

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