अखाड़ा किसी की बपौती नहीं, महंत रघुमुनि ही श्रीमहंत और अध्यक्ष: महंत रमन मुनि

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राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के महंत रमन मुनि महाराज ने कहा कि अखाड़ा किसी की बपौती नहीं है और किसी को भी अखाड़े से संतों के निष्कासन का अधिकार नहीं है। उन्होंने अखाड़े के तथाकथित मुखिया महंत दुर्गादास से उनके अधिकार और अभिलेख सार्वजनिक करने की मांग की, जिनके आधार पर वे वरिष्ठ मुखिया महंत रघुमुनि से कनिष्ठ होने के बावजूद अखाड़े के श्रीमहंत पद पर दावा कर रहे हैं। महंत रमन मुनि ने कहा कि मुखिया महंत रघुमुनि के पक्ष में सिविल डिवीजन प्रयागराज के वरिष्ठ श्रेणी के न्यायाधीश द्वारा 23 मई 2023 को स्टे आदेश पारित किया गया था। इसके अलावा, माननीय उच्च न्यायालय ने 8 अगस्त 2025 के अपने आदेश में श्रीमहंत महेश्वर दास की अध्यक्षता वाली कार्यकारिणी को ही कार्य करने की वैधता प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि श्रीमहंत महेश्वर दास के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ मुखिया महंत रघुमुनि ही श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के अध्यक्ष एवं श्रीमहंत हैं। उनके द्वारा अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज को समर्थन दिया गया है।

महंत रमन मुनि के अनुसार, न्यायालय के आदेशों के क्रम में वर्तमान परिस्थितियों में श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी के पास बहुमत का समर्थन है। उन्होंने कहा कि श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के संतों ने भी श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज को अपना मुखिया चुना है। ऐसे में किसी प्रकार के वर्चस्व की लड़ाई का सवाल ही नहीं है। महंत रमन मुनि ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज और महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के नेतृत्व में आगामी सभी कुंभ मेलों का आयोजन किया जाएगा।



