उत्तराखंड

गिद्धावाली सहकारी समिति के चुनाव में अनियमितता उजागर, पूरा संचालक मंडल निरस्त

शिकायतों की जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसडीएम लक्सर ने की कार्रवाई, जिला निबंधन अधिकारी व डीएम को भेजी रिपोर्ट

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सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। लक्सर क्षेत्र के खानपुर विकासखंड स्थित गिद्धावाली सहकारी समिति के चुनाव में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर की गई शिकायतों की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसडीएम लक्सर अनिल कुमार शुक्ला ने समिति के पूरे संचालक मंडल को निरस्त कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सहकारी समिति से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया गया कि गिद्धावाली सहकारी समिति में पिछले वर्ष नवंबर में संचालक मंडल के साथ सभापति और उपसभापति पद के लिए चुनाव कराए गए थे। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही ग्रामीणों और समिति से जुड़े लोगों ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।

चुनाव प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी के लगे थे आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि समिति के चुनाव निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुरूप नहीं कराए गए। चुनाव के दौरान गंभीर अनियमितताएं बरते जाने की शिकायत एसडीएम लक्सर के साथ ही शासन स्तर पर भी की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने चुनाव से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध तथ्यों की जांच कराई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई।

जांच के बाद पूरा संचालक मंडल निरस्त
शिकायतें सही पाए जाने के बाद एसडीएम ने गिद्धावाली सहकारी समिति के पूरे संचालक मंडल को निरस्त करने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद समिति के चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर प्रशासन ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। मामले से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट जिला निबंधन अधिकारी और जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित को भी भेजी गई है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब समिति की आगे की व्यवस्था और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

अन्य सहकारी समितियों में भी बढ़ी हलचल
गिद्धावाली सहकारी समिति के खिलाफ हुई कार्रवाई का असर क्षेत्र की अन्य सहकारी समितियों पर भी दिखाई देने लगा है। समिति से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों के बीच प्रशासन की कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। खासकर उन समितियों के पदाधिकारियों में बेचैनी बढ़ गई है, जहां पूर्व में चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं। माना जा रहा है कि गिद्धावाली मामले में हुई कार्रवाई के बाद सहकारी समितियों के चुनाव में नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के पालन को लेकर प्रशासन की निगरानी और सख्त हो सकती है। फिलहाल गिद्धावाली सहकारी समिति का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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