उत्तराखंड

कुंभ 2027 का निमंत्रण देने मां मनसा देवी पहुंचे एनवायरमेंट बाबा

मां मनसा देवी से की कुंभ के दिव्य और भव्य आयोजन की कामना, श्री महंत राजगिरी से की मुलाकात

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 के दिव्य और भव्य आयोजन के लिए संत समाज की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में पीठाधीश्वर, आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 अनंत श्री विभूषित अवधूत बाबा अरुण गिरी जी महाराज (एनवायरमेंट बाबा) कुंभ का निमंत्रण देने हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने मां मनसा देवी मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मां मनसा देवी से प्रार्थना करते हुए कामना की कि कुंभ मेला 2027 दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक रूप से सफल हो। इस अवसर पर एनवायरमेंट बाबा ने कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का विश्वव्यापी संगम है। उन्होंने कहा कि कुंभ 2027 में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। मां गंगा, संत समाज और श्रद्धालुओं की कृपा से यह कुंभ दिव्यता और भव्यता के नए आयाम स्थापित करे, यही उनकी कामना है। उन्होंने कहा कि कुंभ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सनातन संस्कृति का संदेश भी पूरी दुनिया तक पहुंचाया जाना चाहिए। इसके बाद बाबा अरुण गिरी जी महाराज ने श्री महंत राजगिरी जी महाराज से मुलाकात कर कुंभ 2027 की तैयारियों और संत समाज की भूमिका को लेकर चर्चा की। दोनों संतों के बीच कुंभ के सफल आयोजन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धर्म एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

श्री महंत राजगिरी जी महाराज ने कहा कि हरिद्वार की धरती पर होने वाला कुंभ मेला सनातन धर्म की सबसे बड़ी आध्यात्मिक परंपराओं में से एक है। कुंभ 2027 को सफल बनाने में संत समाज अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आध्यात्मिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कुंभ 2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन की कामना करते हुए कहा कि मां गंगा और मां मनसा देवी की कृपा से यह कुंभ ऐतिहासिक बने। एनवायरमेंट बाबा अरुण गिरी जी महाराज ने कहा कि कुंभ के दौरान पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए। गंगा और हरिद्वार की पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक संत, श्रद्धालु और नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान बनाने का आह्वान किया। इस दौरान संत समाज से जुड़े अनेक विषयों पर भी चर्चा हुई और कुंभ 2027 को आध्यात्मिकता, संस्कृति, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का आदर्श आयोजन बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया।

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